बदली के मौसम एवं वातावरण में नमी होने पर यह रोग उग्र रूप धारण कर लेता है तथा चार से छह दिन में ही पूरी फसल बिल्कुल नष्ट हो जाती है। दोनों प्रकार की झुलसा बीमारी के प्रबंधन के लिये मौसम के साथ - साथ फसल की निगरानी करते रहना चाहिये। दोनों झुलसा बीमारियों के रोकथाम के लिए प्रोपिनेब 70 डब्ल्यू. पी. या क्लोरोथैलोनिल 75 डब्ल्यू. पी. फफूंदनाशक 400 से 500 ग्राम को 400 लीटर पानी मे घोल कर प्रति एकड़ के हिसाब छिड़काव करें। जैसे ही बादल आए तुरंत दवाओं का छिड़काव करना चाहिए। बीमारी की तीब्रता को देखते हुए फफूंद नाशक का 10 दिन के अन्तराल पर पुनः छिड़काव करें।
