आँवले का रस, मिश्री और भुने जीरे का चूर्ण मिलाकर सुबह-शाम पीने से अम्लपित्त की विकृति नष्ट होती है। संतरे के रस में थ़ोड़ा-सा भुना हुआ जीरा और सेंधा नमक मिलाकर सेवन करने से अम्लपित्त में बहुत लाभ होता है। नारियल का पानी पीने से एसिड़िटी मिट जाती है। गाजर के रस में शहद मिलाकर पीने से अम्लपित्त में पूर्ण लाभ होता है।