छह गांवों की तीस हजार की आबादी के लिए निर्मित कछौली से कमरिहा घाट तारडीह मार्ग बदहाल है। जगह-जगह सड़क टूट कर गिट्टियां बिखर गई हैं। सड़क गढ़ों में तब्दील हो गई है, जिस पर अब पैदल तक चलने की स्थिति नहीं है। कछौली से तारडीह जाने वाली इसी सड़क पर धार्मिक स्थल कमरिहाघाट भी स्थित है। जिस पर प्रतिवर्ष  यम द्वितीय पर एक बड़ा मेला और दंगल का भी आयोजन होता है, जिसमें प्रदेश के कई जिलों के पहलवान दंगल में भाग लेते हैं। कछौली से कमरिहाघाट घाट होते हुए तारडीह को जाने वाले इस सड़क की हालत अत्यंत खराब है। आए दिन बाइक सवार गिर कर चोटिल हो रहे हैं। तारडीह के पूर्व प्रधान साधूराम, रामसूरत यादव, राधेश्याम यादव पहलवान कहते हैं कि कछौली से कमरिहाघाट होते हुए तारडीह रामनगर चौराहे तक जाने वाले मार्ग की लंबाई करीब 5 किलोमीटर है।