शहजादपुर के दोस्तपुर चौराहे पर शौचालय की सुविधा नहीं है। अंबेडकर नगर जिले के अकबरपुर नगर पालिका परिषद क्षेत्र के सहजादपुर के दोस्तपुर चौराहे जो की काफी व्यस्ततम चौराहा है सार्वजनिक शौचालय की सुविधा नहीं है।
अंबेडकर नगर में आज का ताजा अनाज का रेट कुछ इस प्रकार है
अंबेडकर नगर मंडी में जाने आज का सब्जियों और फलों का रेट
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस आइए सुनते हैं जानमानी गायिका कविता होरो के खास विचार! आप अपने परिवार की महिलाओं को कैसे सम्मानित करना चाहेंगे? महिला दिवस के बारे में आपके परिवार में महिलाओं की क्या राय है? एक महिला होने के नाते आपके लिए कैसे यह दिन बाकी दिनों से अलग हो सकता है? अपने परिवार की महिलाओं को महिला दिवस पर आप कैसे बधाई देंगे... अपने बधाई संदेश फोन में नम्बर 3 दबाकर रिकॉर्ड करें.
यह नौकरी उन लोगों के लिए है जो लखनऊ के क्वेस कारपोरेशन लिमिटेड कंपनी में सेल्स एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्य करने की इच्छा रखते हैं। न्यूनतम 12वी पास इच्छुक अनुभवी व फ्रेशर व्यक्ति जिनके पास खुद का ड्राइविंग लाइसेंस, पैन वा आधार कार्ड उपलब्ध हो वे इस पद के लिए आवेदन कर सकते है। चयनित व्यक्ति को उनके कार्य क्षमता के आधार पर प्रतिमाह 13,000 से 16,000 रुपए वेतन के साथ पीएफ, ईएसआई एवं अन्य सुविधाएं भी दी जाएगी। इच्छुक व्यक्ति इस पद से सम्बंधित अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए इस नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। नंबर हैं : 70078 91990 साथ ही इच्छुक उम्मीदवार अपना बायोडाटा ayush.rv@qmail.quesscorp.com पर मेल भी कर सकते है तो दोस्तों, अगर आपको यह जानकारी लाभदायक लगी तो मोबाइल वाणी एप्प पर लाइक का बटन दबाए, साथ ही फ़ोन पर सुनने वाले श्रोता 5 दबाकर इसे पसंद कर सकते है। नंबर 5 दबाकर यह जानकारी आप अपने बाकि दोस्तों के साथ भी बाँट सकते हैं। धन्यवाद !
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नमस्कार दोस्तों , नमस्कार , मैं मोहित सिंह हूँ । मैं आप सभी का मोबाइल वाडी अंबेडकर नगर न्यूज में स्वागत करता हूं । हां , दोस्तों , आज की कहानी का शीर्षक है लालची कुत्ते की कहानी । वह इधर - उधर घूमता था और भोजन की तलाश करता था , वह इतना लालची था कि उसे मुश्किल से खाना मिलता था , पहले गांव के अन्य कुत्तों से उसकी अच्छी दोस्ती थी , लेकिन इस आदत के कारण हर कोई उससे दूर रहने लगा । उसे कोई फर्क नहीं पड़ता था , वह सिर्फ अपना खाना चाहता था । कोई आता और उसे कुछ खाने को देता । वह जो खा सकता था उसे खा लेता था । वह अकेले ही खाना खाते थे । एक दिन उसे कहीं से हड्डी मिली । उसने सोचा कि उसे अकेले इसका आनंद लेना चाहिए , यह सोचकर कि वह गाँव से जंगल जा रहा है । रास्ते में वह पुल के ऊपर से नदी पार कर रहे थे , तभी उनकी नज़र नीचे नदी के रुके हुए पानी पर नहीं पड़ी । लेकिन उस समय उनकी आँखों में केवल हड्डी का लालच था , उन्हें यह भी पता नहीं था कि नदी के पानी में उनका अपना चेहरा दिखाई दे रहा है , इसलिए उन्होंने सोचा कि नीचे कोई है जिसके पास दूसरी हड्डी है , इसलिए उन्होंने सोचा कि उन्हें क्यों नहीं । अगर मैं उसकी हड्डी छीन लूंगा , तो मुझे दो हड्डियां मिलेंगी , फिर मैं एक ही समय में दो हड्डियों का मज़ा खा पाऊंगा , यह सोचकर कि जैसे ही वह पानी में कूदता है , उसके मुंह से हड्डी सीधे नदी में गिर जाती है और उसके मुंह से हड्डी पानी में गिर जाती है ।
