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नमस्कार दोस्तों , मैं मोहित सिंह हूँ । मैं आप सभी का स्वागत करता हूं । मोबाइल वाणी अम्बेडकर नगर न्यूज में है । तो दोस्तों , आज की कहानी का शीर्षक है कौवे और दुष्ट सांप । एक समय की बात है , एक जंगल में एक पेड़ पर कौवों की जोड़ी रहती थी । वे दोनों उस पेड़ पर खुशी - खुशी रह रहे थे । एक दिन , उर्ध की इस खुशी ने एक सांप का ध्यान खींचा , जिस पेड़ पर कौवे का घोंसला था , उसके नीचे एक नोट बना रहा था , जब भी कौवे की जोड़ी अनाज चूने के लिए जाती थी , तो सांप जीवित रहने लगता था । जब वे वापस आए तो उन्होंने अपने अंडे साफ - सुथरे खाए , उन्हें घोंसला खाली मिला , लेकिन उन्हें पता नहीं चला कि अंडे किसने लिए । यह देखकर कि उनके अंडे गड्ढे में रहने वाले सांप द्वारा खाए जा रहे थे , वे पेड़ पर किसी ऊँची जगह पर छिप गए और अपना घोंसला बनाया । साँप ने देखा कि कौवों की जोड़ी पहले चली गई थी , लेकिन शाम तक वे दोनों पेड़ पर वापस आ गए थे । इस प्रकार , कई दिन बीत गए , छोटे कौवे के अंडों से बाहर आए और वे बड़े होने लगे । एक दिन सांप को अपने नए घोंसले के बारे में पता चला और उसने कौवों के जाने का इंतजार किया । जैसे ही कौवों ने घोंसला छोड़ा , सांप अपने घोंसले की ओर बढ़ने लगे , लेकिन किसी कारण से कौवों की जोड़ी पेड़ पर वापस लौटने लगी । साँप ने देखा कि घोंसला खाली है , कौवे की चाल को समझा और वापस गड्ढे में चला गया और सही अवसर की प्रतीक्षा की । इस बीच , कौवे ने सांप को भगाने की योजना बनाई । कौआ जंगल के बाहर एक राज्य में उड़ गया , वहाँ एक सुंदर महल था , राजकुमारी महल में अपने दोस्तों के साथ खेल रही थी , कौआ अपने गले से मोतियों की माला लेकर उड़ गया । बचाकर , पहले वाले ने हार लेने के लिए कौवे का पीछा करना शुरू कर दिया । कौवा जंगल में पहुँचा और हार को सांप के नोट में डाल दिया , जिसे पीछा करने वाले सैनिकों ने देखा जैसे ही सैनिकों ने हार निकालने के लिए नोट में हाथ रखा । इसलिए सांप फूला हुआ बाहर आया । सांप को देखकर सैनिकों ने उस पर तलवार से हमला कर दिया , जिससे सांप घायल हो गया और अपनी जान बचाकर वहां से भाग गया । साँप के चले जाने के बाद कौआ अपने परिवार के साथ वहाँ खुशी - खुशी रहता था । इससे कोई सीखता है कि कभी भी कमजोर का फायदा नहीं उठाना चाहिए क्योंकि जब परेशानी होती है तो कमजोर भी समझदारी से काम लेते हैं और जब परेशानी होती है तो हमें भी समझदारी से काम लेना चाहिए ।

नमस्कार दोस्तों , मैं मोहट सिंह हूँ । मैं आप सभी का स्वागत करता हूं । मोबाइल वाणी अम्बेडकर नगर चर्चा में है । साथियों , आज की कहानी का शीर्षक ' खतमल और जू की कहानी ' है । यह कहानी कई साल पुरानी है । उस समय दक्षिण भारत में एक राजा था । राजा के मानक में मंदरी सरपेदी नाम का एक जूआ हुआ करता था , लेकिन राजा को इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी । और नौकर एक बड़े खोल से अपना पेट भरकर राजा का खून चूसता था और फिर से छिप जाता था । एक दिन , यह न जानते हुए कि अग्निमुख नाम का एक बिस्तर भी राजा के बिस्तर में घुस गया । जू ने उसे देखा तो वह बहुत खुश हुआ । गुस्से में कि एक खतमाल उसके इलाके में घुस गया है , वह उसके पास गई और उसे तुरंत वापस जाने के लिए कहा । मैं वहाँ से आया हूँ और बस एक रात आपके घर पर रहना चाहता हूँ और आराम करना चाहता हूँ , कृपया मुझे यहाँ रहने दें । झू का दिल तब पिघल गया जब उसने बिस्तर की बात सुनी । उसने कहा , ठीक है , तुम यहाँ रह सकते हो , लेकिन तुम्हारी वजह से , राजा को यहाँ रहना पड़ता है । कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए , आप राजा के पास भी नहीं जाएँगे , बहन , मैं दूर से आया हूँ और मुझे बहुत भूख लगी है । वैसे भी , मुझे हर दिन राजा का मीठा खून पीने का मौका मिलता है । कृपया मुझे आज रात राजा के खून का स्वाद चखने दें । उन्होंने स्वाद का आनंद लेने के लिए दो खतमल मांगे , और खतमल उनकी बातों पर आ गए और उन्हें राजा का खून चूसने दिया । ठीक है , आप राजा का खून खा सकते हैं , लेकिन उससे पहले आपको राजा के गहरी नींद में सोने का इंतजार करना होगा । आप उसे तब तक नहीं काट सकते जब तक कि राजा पूरी तरह से सो नहीं जाता । शू ने कहा , " हाँ , खतमल " और वे दोनों रात आने का इंतजार कर रहे थे । जैसे ही रात हुई , राजा अपने कमरे में आया और सोने की तैयारी करने लगा । " राजा का शरीर बहुत स्वस्थ था , उसका वजन बहुत मोटा था । यह देखकर राजा के सोने जाते ही खतमल के मुंह में पानी आ गया , खतमल ने ऊपर नहीं देखा , न ही उसने सीधे राजा की मोटी त्वचा पर जोर से काटा , और फिर भागकर बिस्तर के नीचे छिप गई । मारा चिल्लाया और अपने सैनिकों को कमरे में बुलाया । राजा ने सैनिकों को आदेश दिया । सैनिकों को इस बिस्तर में कोई भी बिस्तर या जूँ मिलनी चाहिए । उन्हें तुरंत ढूंढें और उन्हें मार दें । राजा के सैनिकों ने बिस्तर की तलाशी ली । जब उन्होंने शुरुआत की , तो उन्हें बिस्तर में जू छिपी हुई मिली । उन्होंने तुरंत जूँ को मार डाला और बेडबग भाग गया । इस प्रकार , बेडबग की गलती के कारण , गरीब जूँ मर गई । तो दोस्तों , हम यह कहानी आंखें बंद करके सीखते हैं ।

इस कहानी से सीख मिलती है की लालच नहीं करनी चाहिए

यह आज की कहानी का शीर्षक है बकरियाँ और सियार लड़ते हैं यह बहुत समय पहले की बात है मैं आप सभी का स्वागत करता हूँ महेश सिंह मोबाइल वाणी अंबेडकर नगर समाचार दो बकरियों के बीच बहस हो गई । पास से गुजर रहा एक साधु इस झगड़े को देख रहा था । दोनों बकरियों के बीच झगड़ा इतना बढ़ गया कि दोनों आपस में लड़ने लगे । पा को भी बहुत भूख लगी थी जब उन्होंने दोनों बकरियों को लड़ते हुए देखा और उनके मुंह से पानी बह रहा था । बकरियों की लड़ाई इतनी बड़ी हो गई थी कि दोनों ने एक - दूसरे से खून बहाया था लेकिन फिर भी कोई लड़ाई नहीं हुई । दोनों बकरियों के शरीर से खून बहने लगा था । जब भूखे आदमी ने जमीन पर खून देखा तो वह उसे चाटने लगा । जैसे - जैसे वह उनके करीब आता गया , उनकी भूख और भी बढ़ती गई । जब दूर खड़े साधु यह सब देख रहे थे , जब उन्होंने सियार को दो बकरियों के बीच जाते देखा , तो उन्होंने सोचा कि अगर सियार इन दो बकरियों के करीब गया तो उन्हें चोट लग जाएगी । यानी उसकी जान भी जा सकती है । साधु बस यह सोच रहा था कि सियार दोनों बकरियों के बीच पहुँच गया है । जैसे ही बकरियों ने उसे अपने पास आते देखा , दोनों ने लड़ना बंद कर दिया और उस पर हमला कर दिया । सहने और घायल होने में असमर्थ , वह किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहा और वहाँ से भाग गया , सियार को भागते हुए देखकर , बकरियाँ भी लड़ना बंद कर अपने घर लौट आईं , जबकि साधु भी अपने घर की ओर चला गया ।

नमस्कार दोस्तों , मैं मोहित सिंह हूँ । मैं आप सभी का स्वागत करता हूं । अम्बेडकर नगर न्यूज में मोबाइल वडानी आ रही है । दोस्तों , आज मैं आपके लिए जो कहानी लेकर आया हूं , उसका शीर्षक नीले सियार की कहानी है । एक समय की बात है , जंगल में बहुत तेज हवा चल रही थी । तेज हवा से बचने के लिए , एक सियार एक पेड़ के नीचे खड़ा था जब पेड़ की एक भारी शाखा उस पर गिर गई । सियार के सिर में गहरी चोट लगी और वह डर से अपनी मांद की ओर भागा । उस चोट का प्रभाव कई दिनों तक बना रहा । जब वह शिकार करने नहीं जा सकता था , तो भोजन की कमी के कारण सियार दिन - ब - दिन कमजोर होता जा रहा था । एक दिन उसे बहुत भूख लगी और उसने अचानक एक हिरण देखा । सियार उसका शिकार करने के लिए लंबी दूरी तक हिरण के पीछे भागा । लेकिन वह बहुत जल्दी थक गया और हिरण को मार नहीं सका । गाँव की ओर जाने के लिए दृढ़ संकल्पित सियार को उम्मीद थी कि उसे गाँव में एक बकरी या मुर्गी मिलेगी , जिसे वह खाएगा और अपनी रात बिताएगा । सियार गाँव में अपने शिकार की तलाश कर रहा था , लेकिन फिर उसने कुत्तों के एक समूह को अपने पास आते देखा । सियार को कुछ समझ नहीं आया और वह धोबी की कॉलोनी की ओर भागने लगा । कुत्ते लगातार भौंक रहे थे और सियार का पीछा कर रहे थे । जब सियार को कुछ समझ में नहीं आया , तो वह धोबी के ड्रम में चला गया और छिप गया जिसमें नील घुल गई थी । सियार को खोजने में असमर्थ , कुत्तों का जत्था चला गया । वह गरीब सियार पूरी रात नील के ढोल में छिप गया । जब वह सुबह ढोल से बाहर आया तो उसने देखा कि उसका पूरा शरीर नीला हो गया था । सियार बहुत चालाक था । उसके दिमाग में एक विचार आया और वह वापस जंगल में आ गया । जंगल में पहुँचकर , उन्होंने घोषणा की कि वे भगवान का संदेश देना चाहते हैं , इसलिए सभी को सभी सियारों को सुनने के लिए एक स्थान पर इकट्ठा होना चाहिए । नीचे जमा हुए सियार ने जानवरों की सभा से कहा , " क्या किसी ने कभी नीले रंग को देखा है ? भगवान ने मुझे यह अनोखा रंग दिया है और कहा है कि आप जंगल पर राज करते हैं । भगवान ने मुझसे कहा कि जंगल के जानवरों का मार्गदर्शन करना आपकी जिम्मेदारी है । सब इस बात पर सहमत हुए कि सब एक स्वर में बोले , राजा का क्या आदेश है , सियार ने कहा कि सभी सियार जंगल छोड़ दें क्योंकि भगवान ने कहा था कि सियारों के कारण इस जंगल में बहुत बड़ी आपदा होने वाली है । नीले सियार को भगवान का आदेश मानते हुए , जंगल के सभी सियारों को जंगल से बाहर निकाल दिया गया , नीले सियार ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि अगर सियार जंगल में रहता तो उसके खंभे को खोला जा सकता था । अब नीला सियार जंगल का राजा बन गया था , और पंखा जलाने वाला बंदर उसके पैर दबा रहा था । अगर सियार किसी को खाना चाहता तो वह उसका बलिदान कर देता । अब सियार कहीं नहीं जाता था । वह हमेशा अपने साही के बाड़े में बैठते थे । जब सभी उसकी सेवा में लगे हुए थे , एक दिन जब चाँदनी रात में सियार प्यासा था , तो वह मांद से बाहर आया और उसे सियारों की आवाज़ सुनाई दी जो कहीं दूर बोल रहे थे । यह एक आदत है कि नीला सियार भी खुद को रोक नहीं सका , वह भी ज़ोर से बोलने लगा । शोर सुनकर आसपास के सभी लोग जाग गए और उन्होंने नीले सियार को हू हू की आवाज़ करते देखा । उन्हें पता चला कि यह एक सियार था और इसने हमें मूर्ख बना दिया । अब नीले सियार का खंभा खुला हुआ था और सभी ने उसे तोड़ दिया और उसे मार डाला । तो दोस्तों , हम इस कहानी से सीखते हैं कि हम कभी झूठ नहीं बोलते ।

नमस्कार दोस्तों , नमस्कार , मैं मोहट सिंह हूँ । मैं आप सभी का मोबाइल वाणी अंबेडकर नगर न्यूज में स्वागत करता हूं । तो दोस्तों , आज मैं फिर से आपके लिए एक नई कहानी लेकर आया हूँ जिसका शीर्षक है द लायन एंड द जैकल स्टोरी वन्स अपॉन ए टाइम इज ब्यूटीफुल । जंगल में वान नाम का एक मजबूत शेर हुआ करता था । शेर प्रतिदिन शिकार करने के लिए नदी के किनारे जाता था । एक दिन जब शेर नदी के किनारे से लौट रहा था , तो उसने रास्ते में एक सियार देखा । सियार सियार के पास पहुँच जाता है , सियार शेर की सीढ़ियों पर लेट जाता है और शेर ने पूछा , ' अरे भाई , तुम क्या कर रहे हो ? ' सियार ने कहा , ' तुम बहुत महान हो , तुम जंगल के राजा हो । मैं पूरी लगन और भक्ति के साथ आपकी सेवा करूँगा , और बदले में , मैं आपके शिकार से जो कुछ भी बचेगा उसे खाऊँगा । जब वह ऐसा करने गया तो सियार भी उसके साथ चला । इस तरह सात घंटे बिताने से दोनों के बीच बहुत अच्छी दोस्ती हो गई । शेर के शिकार का बचा हुआ मांस खाने से सियार मजबूत हो रहा था । एक दिन सियार ने शेर को देखा । उन्होंने कहा कि अब मैं भी आपके जितना ही बलवान हो गया हूं , इसलिए आज जब हाथी मर जाएगा तो उसे मार दूंगा , फिर हाथी का मांस खा लूंगा । ऐसा लग रहा था कि सियार दोस्ती में ऐसा मज़ाक कर रहा था , लेकिन सियार को अपनी शक्ति पर थोड़ा बहुत गर्व हो रहा था । सियार पेड़ पर चढ़ गया और बैठ गया और हाथी का इंतजार करने लगा । शेर को हाथी की ताकत का अंदाजा था , इसलिए उसने सियार को बहुत कुछ दिया । समझाओ लेकिन वह विश्वास नहीं करता है , फिर एक हाथी उस पेड़ के नीचे से गुजरता है , सियार उस पर हमला करने के लिए हाथी पर कूदता है , लेकिन सियार सही जगह पर कूद नहीं सका और जैसे ही पैरों में पानी भर गया , हाथी हाथी के पैरों में गिर गया । इस तरह सियार ने अपने दोस्त शेर की बात न सुनकर बड़ी गलती की और अपनी जान गंवा दी । साथियों , इस कहानी से हमें एक सबक मिलता है कि हमें कभी भी कुछ भी नहीं छोड़ना चाहिए ।

एंटी रैबीज इंजेक्शन के लिए सभी सीएससी केदो पर खोले जाएंगे मॉडल क्लिनिक।

State haiwey ka rakhrakhao