विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला के सांस्कृतिक मंच पर सोमवार को पर्यटन विभाग बिहार द्वारा आयोजित ग़ज़ल-संध्या कार्यक्रम के तहत रेडियो एवं दूरदर्शन के लब्ध-प्रतिष्ठित कलाकार सोनपुर प्रखंड के गंगाजल निवासी रोशन सिंह ने गजल गायन की प्रस्तुति दी । श्री रोशन सिंह ने अपने गायन का प्रारंभ सूफियाना अंदाज में अमीर खुसरो के नज़्म से किया । इसके बाद एक से बढ़कर एक गजल की प्रस्तुति उनके द्वारा की गई । गजल गायकी के रिदम के साथ पंडाल में मौजूद श्रोता दीर्घा भी ताली से गूंज भर दी । सांसों की माला में सिमरु में पी का नाम ...... इस सूफी गीत के साथ जब उन्होंने अपने साजिन्दों के साथ स्वर की अटखेलियों को प्रस्तुत किया तो मुख्य पंडाल में मौजूद सभी प्रशासनिक पदाधिकारी, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार समेत श्रोता एवं दर्शक झूमने पर मजबूर हो गए । शेर :- उधर जुल्फों में कंघी हो रही है ख़म निकलता है, इधर रुक-रुक के खिंच-खिंच के हमारा दम निकलता हे इलाही खैर हो उलझन पे उलझने बढती जाती हे, न उनका ख़म निकलता है न हमारा दम निकलता है इसके साथ कई प्रचलित गज़ल जैसे -याद की लहर छोड़ जाऊंगा कल तेरा शहर छोड़ जाऊंगा, ..... हुजूर आपका भी एतराम करता चलूँ इधर से गुजरा तो सोचा सलाम करता चलूँ, ..... दिल की लगी जब रंग दिखाएं ताजमहल में आ जाना ..... जब-जब मेरी याद सताए ताजमहल में आ जाना..... बेवफा यूं तेरा मुस्कुराना भूल जाने के काबिल नहीं है, ..... इन सभी प्रचलित गजलों की प्रस्तुति श्री रोशन सिंह द्वारा उनके अपने अंदाज मे की गई जो काफी सराहनीय रही और श्रोताओं एवं दर्शकों के ऊपर अमिट छाप छोड़ गई । ज़्यादा जानने के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें।