दोस्तों, इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय विकलांग पेंशन योजना की शुरूआत केन्द्र सरकार ने साल 2009 में की थी. इस योजना की देखरेख का जिम्मा केंद्र सरकार की अध्यक्षता में ग्रामीण विकास मंत्रालय के पास है. और मंत्रालय ने राज्यों के सामाजिक न्याय एवं नि:शक्तजन कल्याण विभाग के जिला और ब्लॉक स्तरीय कार्यालयों को ये जिम्मेदारी सौंपी है कि वे अपने क्षेत्र के जरूरतमंद दिव्यांगों को इस योजना का लाभ दिलवाएं. क्या आपके पास आवेदन करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज नहीं हैं? अगर ऐसा है तो क्या गांव के मुखिया या फिर प्रखंड पदाधिकारी आपकी मदद कर रहे हैं? यदि आप राष्ट्रीय विकलांग पेंशन योजना का लाभ लेना चाहते हैं लेकिन उसमें दिक्कत आ रही है तो इसके बारे में हमसे बात कर सकते हैं.
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस समय देश में 3.5 करोड़ लोगों को वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ मिल रहा है. राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ केवल उन्हीं वरिष्ठ नागरिकों को दिया जाता है, जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है. अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो हर जिले में प्रखंड स्तर पर आरटीपीएस कार्यालय में राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं. इस काम के लिए अनुमंडल पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं. क्या आपके पास आवेदन करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज नहीं हैं? अगर ऐसा है तो क्या गांव के मुखिया या फिर प्रखंड पदाधिकारी आपकी मदद कर रहे हैं? यदि आप राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ लेना चाहते हैं लेकिन उसमें दिक्कत आ रही है तो इसके बारे में हमसे बात कर सकते हैं.
दोस्तों , विधवा पेंशन योजना का लाभ पाने के लिए आवेदिका का आधार कार्ड, पति की मृत्यु का प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, बैंक अकाउंट पासबुक, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो चाहिए होता है. आप हमें बताएं कि क्या आप में से कोई जरूरतमंद है जिसे विधवा पेंशन योजना का लाभ लेना है पर उसे किसी तरह की परेशानी आ रही है? अगर आपका आवेदन बार—बार अस्वीकार हो रहा है तो उसके बारे में हमें बताएं. मोबाइलवाणी अपने साथी न्याय के साथ मिलकर आपकी समस्या का समाधान करने का प्रयास करेगा. अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए फोन में अभी दबाएं नम्बर 3.
