बिहार राज्य से आयुष रंजन मोबाइल वाणी के माध्यम से ये कहना चाहते है कि लड़कियों की शिक्षा को लेकर जो धारणाएं थी समाज में उसमें अब सुधार हुआ है और आज के दौर में लड़कियां भी हर क्षेत्र में आगे है कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं हैं जहाँ लड़किया पीछे हो। ब्लाइंड लोगो की अगर बात की जाये तो तो इनके लिए समाज जागरूक नहीं है अभी भी लोग ब्लाइंड लोगो को पढ़ने बाहर नहीं भेजते है उनके मन में गलत धारणाएं है की बाहर भेजने पर कुछ हो जायेगा जबकि दिव्यांग लोग भी किसी से कम नहीं है वह लोग भी सब कुछ कर सकते है इसमें भी केवल जागरूकता की आवश्यकता है।
