बिहार राज्य के जिला सारण से आयुष रंजन मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि कोरोना की पहली लहर आई थी तो देश में पूर्ण लॉकडाउन लगा दिया गया था जिससे आकड़ों में कमी आ गई थी.वही कहते है कि जितनी शक्ति से 2020 के मार्च व अप्रैल महीने में देश में पूर्ण लॉकडाउन लगाया गया था और सावधानियों का पालन करते हुए आम जनता घर से बाहर नहीं जा रहे थे। वह कहते है कि सभी जगह लॉकडाउन लगानी चाहिए लेकिन उसके लिए सरकार को गरीब लोगों पर ध्यान भी देना चाहिए।ऐसा नहीं होना चाहिए कि लॉक डाउन हो गया, लेकिन गरीब लोगों को खाने पीने का सामान तथा राशन नहीं दिया जा रहा है।