हाई फ्रेंड मैं मृतुन्जय कुमार बात कर रहा हूँ आप लोगो के लिए लाया हूँ छोटा सा कविता नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए बाकी जो बचा था काले चोर ले गए खाके पीके मोटे होके चोर बैठे रेल में चोरों वाला डिब्बा कट कर, पहुँचा सीधे जेल में नानी तेरी मोरनी को मोर ले गए
