हाय फ्रेंड्स मैं बिहार से मृत्युंजय कुमार बात कर रहा हूँ और आप लोगों के लिए लाया हूँ छोटा सा कविता सुबह सुबह उठ कर चिड़िया कुछ गीत गति है कलियाँ दरवाज़े खोल खोल कर मुस्कुराती है ,खुशबू की लहरे जब बहार आकर दौड़ लगाती है
हाय फ्रेंड्स मैं बिहार से मृत्युंजय कुमार बात कर रहा हूँ और आप लोगों के लिए लाया हूँ छोटा सा कविता सुबह सुबह उठ कर चिड़िया कुछ गीत गति है कलियाँ दरवाज़े खोल खोल कर मुस्कुराती है ,खुशबू की लहरे जब बहार आकर दौड़ लगाती है