बिहार राज्य के जिला सुपौल से संजना कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से गर्मी को लेकर शीर्षक सूरज तपता धरती जलती पर आधारित कविता प्रस्तुत कर रही है जिसमें उनका कहना है कि सूरज तपता, धरती जलती गरम हवा जोरों से चलती। तन से बहुत पसीना बहता, हाथ सभी के पंखा रहता।इस बढ़ती गर्मी में अब तक वर्षा की दो-चार बूंदे भी नहीं पड़ी है।जिसकारण गर्मी अत्यधिक बढ़ गई है।
