रामी बाई धर्मशाला में हुआ आयोजन

मंडावर गांव में हुआ आयोजन

जीरापुर अस्पताल में हुआ आयोजन

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गांधी जयंती, एक महान आत्मा को याद करने का मौका है। लेकिन केवल उनको याद करना सही रहेगा या उनके बताये रास्तों पर चलना। याद है ? जब उन्हें कोई एक गाल पर मारता तो वो दूसरा बढ़ा देते थे ,और हम इसे गांधीगिरी कहते है। आइये इस गाँधी जयंती में हम सब मिलकर थोड़ी गांधीगिरी पर चर्चा करते हैं। अगर आप गाँधी जी के बारे में कुछ कहना चाहते हैं या कोई अपनी गांधीगिरी की कोई कहानी सुनाना चाहते हैं तो अपने फ़ोन पर अभी 3 दबा कर रिकॉर्ड कीजिए और हम आपकी बात बहुत सारे लोगों तक पहुचायेंगे। हमे आपकी कहानियों का इंतज़ार रहेगा। जय हिन्द !

जैसा कि आप सभी को पता ही है की आज हमलोग 2 अक्टूबर यानी कि गाँधी जयंती मना रहे है पर क्या आपको पता है की इसके साथ कुछ और भी मनाया जाता है ,याद आया नहीं'... तो चलिए हम आपको बताते है कि आज गाँधी जयंती मनाने के साथ साथ पंचायतो में ग्राम सभा का भी आयोजन किया जाता है। तो आइये ग्रामसभा के बारे में थोड़ा और जानने की कोशिश करते है। .

कांग्रेस द्वारा निकाली जा रही यात्रा

वापस काम पर लोटे सफाई कर्मी

बिल्ली रास्ता काट दे, तो हम कुछ समय के लिए रूक जाते है या फिर अपना रास्ता बदल देते है क्यों । क्योंकि ऐसा करना हमें बताया गया है । वैज्ञानिक युग में भी हम समाज में अंधविश्वास फैलाने वाले तथाकथित बाबा, पडियार, मांत्रिको द्वारा श्रद्धा व आस्था के आड़ में समाज में अपना मायाजाल फैलाकर लोगों का आर्थिक, शारीरिक, मानसिक शोषण करने वालों के अलावा राजनीतिक स्तर पर स्वार्थ सिद्ध करने के लिए अंधविश्वास का सहारा लिया जाने लगा है। अंधविश्वासी मानसिक गुलामी से बाहर निकलने के लिए हमें अंधविश्वास की परिभाषा समझनी होगी । समाज में व्याप्त अंधविश्वास से कैसे मुक्ति पा सकते है पर चिंतन करने की जरूरत है।

बैठक में बोले भाजपा प्रत्याशी हजारी लाल दागी