विरनो. स्थानीय ब्लाक के शहाबुद्दीनपुर गाँवसभा का मतगड़ना के बाद भोदू खां शहाबुद्दीनपुर का प्रधान तो आखिर बन ही गये। बताते चलें कि यह चुनाव बहुत ही रोमांचक रहा। क्योंकि अन्य गांव के लोग भी शहाबुद्दीनपुर गांवसभा का नजारा देखते व सुनते रहे. कि आखिर कौन जीतेगा चुनाव। सबको यही पता था कि चुनाव पोतन बिंद के पाले में जायेगा। भोदू खां किसी कीमत पर चुनाव नहीं जीत पायेंगे। क्योंकि यादव बिरादरी का कुल 350 वोट था. यादव वोट पर ही यह चुनाव निर्भर था। क्योंकि गांव के लोगों का कहना था कि यादवों का वोट 80 प्रतिशत पोतन बिंद के पाले में गया है। जिससे दो-चार वोट से वे चुनाव जीत जाएंगे। क्योंकि यादव बिरादरी का वोट दो खेमें में था। और प्रत्याशियों में यह विश्वास था कि यादव बिरादरी का वोट आधा- आधा दोनों खेमें में जायेगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ। यादव बिरादरी का वोट ठीक उल्टा हुआ. 80 प्रतिशत यादव बिरादरी का वोट भोदू के पाले में पड़ा. और भोदू खां 170 वोटों से चुनाव जीत गये। बताते चलें कि वोटरों में यह चर्चा था कि कुछ ही वोट से पोतन बिंद चुनाव जीत जाएंगे। लेकिन वोटिंग के बाद मत स्थल पर पहुंचे मीडिया ने कुछ वोटरों से गुप्तगु कर यह साबित कर दिया था व अंदाजा लगाया था कि भोदू खां चुनाव 50 से 150 के बीच चुनाव जीत रहा है। लेकिन उससे भी अधिक वोटों से अपना परचम लहराया। प्रमाण पत्र लेने के बाद विरनो पुलिस ने नवनिर्वाचित ग्रामप्रधान को उसके घर तक छोड़ा। वहीं नवनिर्वाचित प्रधान भोदू खां ने अपने गांव के बूढ़े बुजुर्गों का पैर छू कर आशीर्वाद लिया।