भारत में मानसून के देर से खत्म होने से ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग का जिम्मेदार कहा जा रहा है। एक विशेषज्ञ के प्रकृति का अध्ययन के बाद यह कहा जा रहा है कि भारत से मानसून का देर से लौटना भी जिम्मेदार है।ऑस्ट्रेलिया में हजारों लोगों को घर से बेघर होना पड़ा और इस आग में तीन लोगों की मौत भी अब तक हो चुकी है।इस आग से वहां के नागरिकों को बहुत दिक्कत हो रही हैं। इसका असर पूरे दुनिया भर में हो रहा है।ट्रेंट पेनहम का कहना है, कि भारत में मानसून के देर से खत्म होने से ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग की जिम्मेदार हैं। भारत में बारिश सितंबर तक थम जाती हैं। ये हवाएं फिर दक्षिण की तरफ बढ़ती हैं। इस वर्ष बारिश भारत में जल्द नहीं थमी जिसे ऑस्ट्रेलियाई के शहर डार्विन में अच्छी बारिश नहीं हुई।पेनहम का कहना है कि इस वक्त ऑस्ट्रेलिया क्षेत्रों में बारिश होती है पर वैश्विक घटना के कारण नहीं हो पाई। इस कारण से ये क्षेत्र गर्म, सूखा और तेज हवाओं का असर ज्यादा हो रहा है। भीषण आग के कारण ये सारी स्थितियां विपरीत अनुकूल होती है जा रही है जो इस वक्त हम देख पा रहे हैं। कितना दयनीय और चिंता का विषय है की हमारे देश का वातावरण दूसरे देश को भी बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है। इतनी सारी चीज़ें हम अपने आस-पास देखते और सुनते रहते हैं जो की जलवायु और प्रदूषण के कारण होते हैं फिर भी बदलाव पर्याप्त मात्रा में देखने को नहीं मिल रहा है। अब भी हमारे पास वक़्त है इन समस्याओं से लड़ने का आप हमें बतायें ऐसा क्या करना चाहिए जिससे फिर से मौसम पहले की तरह ही हो जायें जिससे पर्याप्त मात्रा में वर्षा हो.?
