मानसून पूरे देश पर छा गया है, लेकिन कहीं बहुत ज्यादा बारिश हो रही है तो कहीं इंद्र देवता ने ब्रेक ले लिया है। शुक्रवार को यही स्थिति देखने को मिली जब कुछ महीनों से गंभीर पानी के संकट से जूझ रहे चेन्नई को राहत पहुँचाने के लिए 25 लाख लीटर पानी लेकर एक ट्रेन यहाँपहुँची । वहीं असम और बिहार में बाढ़ से लाखों लोग परेशान हैं। बिहार और पूर्वोत्तर में बाढ़ और बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त है। उत्तर बिहार में लगातार पांचवें दिन शुक्रवार को भी भारी बारिश हुई। नदियों में उफान से निचले इलाके में बाढ़ का पानी घुस गया है। बारिश के दौरान घर गिरने और पानी भरे गड्ढे में डूबने से सात लोगों की मौत हो गई। पूर्वोत्तर में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और मकान ढहने की घटनाओं में कम से कम 10 लोगों की जान चली गई। असम में बाढ़ से 8.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। उप्र में नौ दिनों में वर्षाजन्य हादसों में 14 लोगों की मौत हुई है।पूर्वोत्तर में असम में भारी बारिश के बाद हुए हादसों में छह लोगों की मौत हो गई।मिजोरम में भी भारी बारिश से 390 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया। अभी कुछ दिन पहले ही हम सब जल संकट से परेशान थे और अब हम बाढ़ के पानी से त्रस्त हो गए हैं। प्रशासन को कोई ऐसा हल निकालना चाहिए जिससे इस पानी का उचित संग्रहण हो सके ताकि गर्मियों में जल संकट की समस्या से लोग निजात पा सके। इसके साथ ही इन प्राकृतिक आपदा से बचने के लिए हमें प्रकृति में संतुलन बनाये रखना भी जरुरी है। प्रकृति में सामंजस्य स्थापित करने के लिए हमारी ओर से क्या प्रयास होने चाहिए। अपने विचार और सुझाव हमारे साथ साझा करें अपने मोबाइल में नंबर 3 दबा कर।