दिल्ली से राजेश कुमार पाठक ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि महिलाएं मायके या ससुराल में हिस्सा लें,ये उनकी आजादी और स्वतंत्रता है। महिलाओं में एकता नही है। देश की महिलाओं को बिहार की महिलाओं से एकता सीखनी चाहिए।पुरे देश की महिलाएं एक हो जाए तो उनको आगे बढ़ने से कोई नही रोक सकता है।एकत्रित होकर महिला जो चाहेंगी वही होगा
