दिल्ली के बहादुरगढ़ हरियाणा से शत्रोहन लाल कश्यप ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि पिछले एक साल से कोरोना के कारण हुए नुक्सान में सबसे ज्यादा परेशानी निम्न वर्ग जिसमे मजदुर आते हैं ,उन्हें हुई है।

आईएमटी मानेसर से बिशेश्वर प्रसाद ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि लॉक डाउन के कारण वो आईएमटी में परिवार के साथ फंसे हुए है। नौकरी नहीं मिल रही ,खाने के लिए पैसे नहीं है ,न ही अपने राज्य वापस जा पा रहे है। मकान मालिक भी किराए के लिए परेशान कर रहे है। सहायता चाहिए

दिल्ली के श्री राम कॉलोनी से हस्मत अली ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से जुल्फिकार अली से सरकार द्वारा लॉक डाउन बढ़ाये जाने के विषय पर खास बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि लॉक डाउन के कारण काम की कमी हो रही है ,माकन मालिक किराया मांगते हैं ,बिजली बिल में 8 यूनिट की दर से पैसे मांगते हैं ,राशन कार्ड में पिछले चार साल से बच्चों के नाम जोड़ना छह रहे लेकिन वो हो नाह पा रहा है,जॉब कार्ड नहीं बना है। सरकार द्वारा कोई भी लाभ लाभुकों तक नहीं पहुंच रहा है।

दिल्ली के आईएमटी मानेसर गुड़गांव से दीपक ने साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि कोरोना महामारी के कारण 75% मजदूर अपने घर जा चुके हैं। आईएमटी मानेसर से पिछले साल कोरोना के बीते हुए हालात को देखकर इस साल भी मजदूरों के अंदर डर बस गया है और मकान मालिक भी किराया माफ नहीं कर रहे हैं।

साथियों हम सभी जानते हैं कि लॉकडाउन के बाद कंपनियों को मजदूरों की कितनी जरूरत थी, जिसके लिए कंपनियों ने बहुत से वादे कर मजदूरों को उनके घरों से वापस लाने के लिए बसें भी भेजी साझा मंच की स्वयंसेवक रेशमा जी की मुलाकात ऐसे ही कुछ मजदूर साथियों से हुई, जिन्होंने मिलकर रूम के भाड़े के लिए, कंपनी द्वारा किए गए उन्हीं के वादे को याद दिलाया। कंपनी ने रूम मालिक को मजदूरों से किराया लेने को कहा, जबकि कंपनी ने भरोसा दिया था कि रूम का भाड़ा कंपनी देगी। मजदूरों की एकता के सामने कंपनी को उनकी बात माननी पड़ी.... साथियों यह अनिवार्य नहीं है कि कंपनी कॉन्ट्रैक्ट वर्करों को रूम का भाड़ा दे, मगर जब कंपनियां खुद ऐसा कोई वादा करती हैं, तो वर्कर उसकी मांग कर सकते हैं और अगर कंपनी अपनी बाद में मुकर जाती हैं, तो मजदूर मिलकर इसका विरोध भी कर सकते हैंक्या आपकी भी कंपनी ने ऐसा कोई वादा कर अपनी बात से मुकर गई है, तीन दबाकर उसे साझा करें, धन्यवाद।

दिल्ली के मानेसर से शंकर पाल की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से मुनि लाल से हुई। मुनि लाल बताते है कि लॉक डाउन के बाद वो जब गाँव से लौटे तो 15 दिनों तक खाली बैठे रहने के बाद उन्हें नौकरी मिली। जहाँ वो किराए पर रहते थे ,वहाँ लॉक डाउन में चार महीनें रूम बंद रहा फिर भी किराया उन्हें भरना है। एक महीनें का किराया का भी छूट नहीं मिला

तमिलनाडु राज्य के तिरुपुर ज़िला के सिडको से अशोक कुमार ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि चुनाव के बाद लॉक डाउन होने की आशंका है। अगर ऐसा होता है तो प्रवासियों में फिर से परेशानी बढ़ जाएगी। खास कर घर किराया उनसे अधिक वसूला जाएगा

दिल्ली से हस्मत अली साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से मोबाइल वाणी पर चलाये जा रहे कार्यक्रम 'मेरा मुखिया कैसा हो' के विषय में अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें ऐसा मुखिया चाहिए जो सरकार की सभी योजनाओं को जनता तक पहुँचाना जनता हो । जनता को अधिकांश योजनाओं के बारे में जानकारी ही नहीं होती है। प्रधान मंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाले आवास में रहने के बावजूद लाभुकों को किराये के मकान में रहना पड़ रहा है।

दिल्ली बहादुरगढ़ हरियाणा से शत्रोहन लाल कश्यप साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि समय से पहले ही श्रमिकों से मकान मालिक किराया मांग कर परेशान करते हैं।

मानेसर से हमारे एक श्रोता ,साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि मानेसर में किरायदारों से मकान मालिक मनमाना किराया वसूलते है। बिजली बिल भी ज्यादा लेते है और जहाँ रह रहे है वही से राशन ख़रीदने की हिदायत दी जाती है



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