एक सवाल आ रहा है कि बच्चों को सेक्स के बारे में जानकारी कब देनी चाहिए। कितना अच्छा सवाल है। देखिए असल में हम लोग एक चीज होती है जिसके हम कहते है ऐज अप्रोप्रिएट यानी की उम्र के हिसाब से जानकारी हो तो उसके अंदर क्या है कि हम लोग जो एक छोटा बच्चा है उसको पूरी जानकारी तो देंगे नहीं और एक में बड़ा व्यक्ति है। उसको उतनी देंगे जितनी जरूरत है। उम्र के हिसाब से आप जानकारी देते हैं सिमलेरली जब एक छोटा बच्चा होता है, आप उसको सिखाते हैं ना कि यह तुम्हारे गुप्ता हैं। यह तुम्हारी प्राइवेट जगह है। यहां पर किसी को हाथ नहीं लगाना है। कोई करे तो आप मुझे बताओ बच्चे जब इन्ट्रेक्ट करता है। कौन आपके सेफ लोग हैं। कौन आप के लोगों से आपको थोड़ा सा केयरफुल रहना है ना अगर आपको अच्छा लग रहा है।बुरा लग रहा है। मुझे आकर बताओ किसी नेकुछ किया जो भी आप चर्चा शुरू करते हैं जो ट्रस्ट के बारे में बताते हैं, विश्वास बताते हैं। कौन है वह रिलायबल लोग कैसे आपको अपना शरीर साफ करना है और आप ये भी बताते हैं छोटे बच्चो को गंदी जगह नहीं है कि चीची वगैरह जैसे हम बोलते लोगों को हम के बच्चों को हम यह सब नहीं हम बोलते हैं ना कि नहीं बोलना चाहिए बल्कि में बोलूंगी तो यह एक तरह से तो सेक्स की जानकारी ही है। सेक्सुअलिटी एडुकेशन यानी की योनिकता जानकारी संपूर्ण यौनिकता जानकारी जो है, वह बहुत छोटे पन से हम शुरू कर सकते हैं। छोटे-छोटे नगेट देखें। छोटी-छोटी बातें सिखा करके आपको वहां पर गंदा नहीं रखना है। गंदी हाथ नहीं डालनी है। हाथ धोकर आप वाश करना है वगैरा यह सारी चीजे भी हम सिखाते अंदर कुछ नहीं डालना है।छोटे बच्चे से करते हैं तो वह सब की जानकारी से जुड़ा हुआ है और जैसे वह व्यक्ति जितना भी ले सके थोड़ा थोड़ा थोड़ा थोड़ा हमको बताना शुरु करते हैं कि जब वह समय आता है कि जब हमें सेक्स के बारे में कोई निर्णय लेना है या सेक्स कि हम लोग रूबरू होते हैं। छोटे भाई तरीके से हम एक तरह से तैयार रहे है और गलत धारणाएं और यह जो आसपास के लोग होते हैं, गुरु लोग उनकी बातों में ना आ जाए और अपनी अपनी जानकारी को एकदम पुख्ता बनाकर कर रखे रिलायबल सोर्स रे कोई सनसनी जान जानकारी ना लें तो शुरुआत से शुरू कीजिए।