माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है।आप अपने बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ाने और उन्हें सीखाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते है? इस बारे में बचपन मनाओ सुन रहे दूसरे साथियों को भी जानकारी दें।

माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है। आप अपने बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ाने और उन्हें सीखाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते है? इस बारे में बचपन मनाओ सुन रहे दूसरे साथियों को भी जानकारी दें। अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए दबाएं नंबर 3.

माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है।आप अपने बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ाने और उन्हें सीखाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते है? इस बारे में बचपन मनाओ सुन रहे दूसरे साथियों को भी जानकारी दें। अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए दबाएं नंबर 3.

महिला दिवस की इस कड़ी में हम जानेंगे रिंकी कुमारी कैसे अपनी परिस्थितियों से लड़ते हुये अपने परिवार को संभाल रही हैं

केवीके में युवा किसानों का पांच दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ ।फलीय पौधों में पौध प्रवर्धन तकनीक विषय पर आयोजित प्रशिक्षण में उद्यान वैज्ञानिक मुकेश कुमार द्वारा पौध प्रवर्धन की विधियां ,उसकी उपयोगिता, स्वरोजगार के अवसर के बारे में जानकारी दी गई। वहीं वैज्ञानिक रीता लाल ने युवाओं को स्किल डेवलपमेंट द्वारा स्वरोजगार अपनाने पर बल दिया। प्रशिक्षण में 30 कृषक शामिल हुए

बिहार राज्य से एक श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से कहना चाहते है कि पढ़ाई से आत्मबल मिलता है।वह कहते है कि बेटियां घर की लक्ष्मी होती है और हमारे समाज में ऐसा क्यों होता है की लड़के दहेज ले सकते है क्यों लड़कियां भी दहेज नहीं ले सकती है क्या उनके लिए दहेज नहीं होती है । सभी को इस बात को समझना चाहिए और पढ़ाई के बारे में भी समझना चाहिए की पढ़ाई क्या होती है पढ़ाई से आत्मबल मिलता है। लेनदेन करना तो वैसे कानूनन अपराध है। शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए जो उचित हो केवल वही करना चाहिए।

कोरोना संक्रमण को मात देने के लिए लॉकडाउन आखिरी जरिया हो सकता है लेकिन लॉकडाउन के कारण बेरोजगार हो रहे लोगों के सामने विकल्प के रास्ते बंद होते दिख रहे हैं. हम आपसे जानना चाहते हैं कि जो मजदूर शहरों से गांव लौटे ​हैं उन्हें वहां मनरेगा या दूसरी सरकारी योजनाओं की मदद से रोजगार मिल रहा है या नहीं? सरकार गरीबों के लिए नि:शुल्क राशन का एलान कर चुकी है, क्या आपको इस विषय में जानकारी है? क्या गांव में सरकारी राशन दिया जा रहा है या फिर किसी तरह की समस्या आ रही है? क्या बच्चों को अभी भी सरकारी मिड डे मील योजना के तहत राशन या पैसे दिए जा रहे हैं? अगर नहीं तो आप इसकी शिकायत कहां कर रहे हैं? अपनी परेशानी और बात हम तक पहुंचाएं फोन में नम्बर 3 दबाकर.

अच्छी आदतें बच्चों को बेहतर इंसान बनाने में कारगार है। सुबह ज़ल्दी उठने से लेकर समय समय पर हाथ धोने की अच्छी आदतों से ही बच्चे सेहतमंद रहते है। बच्चों के माता पिता शुरू से ही प्रयासरत रहते है कि वो अपने बच्चों को शारारिक और मानसिक रूप से स्वस्थ कैसे रखे।इन्ही सब बातों पर दोस्त संस्था आपको बता रही है कि बच्चों को स्वस्थ कैसे रखे। सुनने के लिए क्लिक करें ऑडियो पर...