छिंदवाड़ा में शिक्षकों के लिए कला आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के लिये दो दिवसीय कला एवं सौन्दर्य साक्षरता कार्यशाला का आज शुभारंभ हुआ। कार्यशाला के प्रथम दिवस में जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी.एस.बघेल ने कहा कि बदलते परिवेश में शिक्षण पद्धतियों में नवाचार अत्यंत आवश्यक है। आज के बच्चे अनुभवात्मक और रचनात्मक सीखने की ओर अधिक आकर्षित होते हैं, ऐसे में कला आधारित शिक्षण न केवल सीखने को रोचक बनाता है, बल्कि छात्रों की 21वीं सदी की दक्षताओं को भी विकसित करता है। पीरामल फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में उन्होंने शिक्षकों को संबोधित करते हुए बताया कि यह कार्यक्रम विद्यार्थियों की संवेदनशीलता, रचनात्मकता तथा अभिव्यक्ति कौशल को बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम है।

माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है।आप अपने बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ाने और उन्हें सीखाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते है? इस बारे में बचपन मनाओ सुन रहे दूसरे साथियों को भी जानकारी दें।

माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है। आप अपने बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ाने और उन्हें सीखाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते है? इस बारे में बचपन मनाओ सुन रहे दूसरे साथियों को भी जानकारी दें। अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए दबाएं नंबर 3.

माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है।आप अपने बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ाने और उन्हें सीखाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते है? इस बारे में बचपन मनाओ सुन रहे दूसरे साथियों को भी जानकारी दें। अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए दबाएं नंबर 3.

हायर सेकण्डरी स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा में 28 फरवरी को होगा नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेम वर्क के सभी विषय व शारीरिक शिक्षा का प्रश्नपत्र ===================================================== जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल भोपाल द्वारा नियमित व स्वाध्यायी परीक्षार्थियों के लिये वर्ष 2024 की हायर सेकण्डरी स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा संचालित की जा रही है। इस परीक्षा में प्रश्नपत्रों की गोपनीयता बनाये रखने के लिये सभी 154 परीक्षा केन्द्रों में कलेक्टर प्रतिनिधियों की नियुक्ति की गई है । यह परीक्षा आगामी 5 मार्च 2024 तक प्रात: 9 से 12 बजे तक चलेगी । हायर सेकण्डरी स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा के अंतर्गत आज 28 फरवरी को नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेम वर्क के सभी विषय व शारीरिक शिक्षा विषय की परीक्षा होगी। जिला शिक्षा अधिकारी श्री जी.एस.बघेल ने बताया कि इस परीक्षा में सम्मिलित होने वाले जिले के सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष में प्रात: 8 बजे तक अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिये गये हैं । परीक्षा कक्ष में प्रात: 8:45 बजे के बाद किसी भी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जायेगा।

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महिला दिवस की इस कड़ी में हम जानेंगे रिंकी कुमारी कैसे अपनी परिस्थितियों से लड़ते हुये अपने परिवार को संभाल रही हैं

होली एवं अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर शासकीय महाविद्यालय अमरवाड़ा से प्रोफेसर श्रीमती ज्योति सुर्यवंशी जी से विशेष बातचीत

शासकीय महाविद्यालय परासिया और जुन्नारदेव में युवा संवाद के अंतर्गत युवा नीति पर हुई चर्चा =================================================== कलेक्टर श्रीमती शीतला पटले और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री हरेन्द्र नारायण के मार्गदर्शन में शासकीय महाविद्यालय परासिया और जुन्नारदेव में युवाओं को पशुपालन में रोजगार की ओर आकर्षित करने के उद्देश्य से युवा संवाद कार्यक्रम संपन्न हुआ जिसमें युवा नीति पर भी चर्चा की गई । पशुपालन एवं डेयरी विभाग के इस कार्यक्रम में युवाओं को केन्द्र सरकार की योजनाओं सहित राज्य शासन द्वारा संचालित डेयरी, बकरी, मुर्गी, सूकर पालन और गोबर से जैविक खाद बनाने की विधि, वर्मिवाश व इससे होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से बताया गया। उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी डॉ.एच.जी.एस.पक्षवार ने कार्यक्रम में पशुओं में होने वाली बीमारियों और उसके आयुर्वेदिक व घरेलू उपचार के बारे में आवश्यक जानकारी दी । उन्होंने पशुओं में होने वाले अफारा रोग, थनैला रोग व अन्य संक्रामक रोगों के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ.छत्रपाल टाण्डेकर ने बकरी पालन, श्वान पालन व पेटशॉप की स्थापना के संबंध में विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी । परासिया के पशु चिकित्सक डॉ.राजेश चेडगे ने कैरियर के रूप में पशुपालन की शिक्षा पर प्रकाश डाला और पशुपालन की शैक्षणिक गतिविधि की जानकारी विद्यार्थियों को दी । कार्यक्रम में शासकीय महाविद्यालय परासिया की प्राचार्या डॉ.त्रिवेदी और प्राध्यापक डॉ.अशोक बारसिया ने विद्यार्थियों को पशुपालन को रोजगार के रुप में अपनाने के लिये प्रेरित किया । इसी प्रकार शासकीय महाविद्यालय जुन्नारदेव के प्राचार्य डॉ.वाय.के.शर्मा ने आत्म निर्भर भारत के निर्माण में पशुपालन की महत्ता और युवा नीति पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन प्राध्यापक डॉ.अशोक टाण्डेकर ने किया । कार्यक्रम में डॉ.चन्देलकर व स्टाफ और विद्यार्थीगण उपस्थित थे ।