ज्योति जी जमुई से मोबाइल वाणी के माध्यम से बताती है कि हमारे देश में कानून है कि 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चे से काम लेना अपराध है ,पकड़े जाने पर 2000 हज़ार रूपए जुर्माना और एक वर्ष जेल या ये दोनों हो सकते है। इतने कड़े कानून होने के बावजूद बाल मज़दूरी व्याप्त है। बाल मजदूरों से काम लेने वाले लोगों में कानून का खोफ नहीं है। बाल श्रम संघ बाल मजदूरों को मुक्त कराने की तरकीब कितना सक्रीय है ,यह आये दिन हमें बाल मजदूरी कर रहे बच्चे को देखते ही पता चलता है। बाल मजदूरों को मुक्त करो अभियान सिर्फ फर्जी खानापूर्ति के लिए की जा रही है। ऐसे बहुत सरे गिरोह सक्रीय है,जो बच्चों को खरीद -बिक्री कर उन्हें बंधुआ मजदुर बनाते है।
