मध्यप्रदेश से अशोक शर्मा विकास क्लब मोबाइल वाणी के माध्यम से एक कविता प्रस्तुत कर रहें हैं। इस कविता के माध्यम से यह कहना चाहते हैं कि दुनिया में कोई भी चीज़ अपने आप के लिए नहीं बनी होती है।क्योंकि दरिया खुद अपना पानी नहीं पीता और पेड़ खुद अपना फल नहीं खातें हैं।