सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...

मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है रोजगार समाचार। यह नौकरी उन लोगों के लिए है जो डाक विभाग, संचार मंत्रालय द्वारा निकाली गयी डाकघर कार चालक के पदों पर कार्य करने के लिए इच्छुक है ।इसमें अनारक्षित वर्ग के लिए 17 पद ,आर्थिक रूप से वीकर अनुभाग के लिए 1, और आदिवासी के लिए 1 पद पर भर्तियां निकाली गई हैं। इन पदों पर वेतनमान 19,000 to 63,200/- रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा। इन पदों के लिए वैसे उम्मीदवार आवेदन कर सकते है, जिन्होंने किसी भी मान्यता प्राप्त विद्यालय से मैट्रिक पास किया हो साथ ही तीन साल का ड्राइविंग अनुभव हो । इन पदों पर आवेदन करने के लिए आयु सीमा 18 -56 वर्ष रखी गई है। साथ ही आवेदनकर्ताओं का उनके योग्यता पर आधारित होगा।इन पदों पर आवेदन करने के लिए आवेदन ऑफलाइन भरना होगा इसके लिए एक सादा पेपर में एप्लीकेशन फॉर्मेट में आवेदन लिखना होगा साथ में मांगे जाने वाली सभी जरूरी दस्तावेजों को इस पेपर के साथ अटैच कर ड्राइविंग लाइसेंस के साथ एक अच्छा से लिफाफे में डालकर स्पीड पोस्ट/रजिस्टर्ड पोस्ट के माध्यम से इस पते भर भेजना होगा पता है -"पोस्टमास्टर जनरल का कार्यालय, बिहार सर्कल, पटना-800001" .यदि आप के पास मांगी गयी सारी योग्यताएं है तो आप अपना आवेदन आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन कर सकते है। अधिक जानकारी के लिए आप इस वेबसाइट पर जा सकते हैं वेबसाइट है indiapost.gov.in .याद रखिये आवेदन करने की अंतिम तिथि 28 मई 2024 रखी गयी है। तो साथियों अगर आपको यह जानकारी लाभदायक लगी तो मोबाइल वाणी एप्प पर लाइक बटन दबाये साथ ही फ़ोन पर सुनने वाले श्रोता 5 दबाकर इसे पसंद कर सकते है। नंबर 5 दबाकर यह जानकारी आप अपने दोस्तों के साथ बाँट भी सकते हैं।

"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिलदेव शर्मा बदलते मौसम में पशुओं की विशेष देखभाल और इस समय होने वाले पशुओं में विभिन्न रोगों की जानकारी दे रहें हैं । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें

दोस्तों, प्रधानमंत्री के पद पर बैठे , किसी भी व्यक्ति से कम से कम इतनी उम्मीद तो कर ही सकते हैं कि उस पद पर बैठने वाला व्यक्ति पद की गरिमा को बनाए रखेगा। लेकिन कल के भाषण में प्रधानमंत्री ने उसका भी ख्याल नहीं रखा, सबसे बड़ी बात देश के पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ खुले मंच से झूठ बोला। लोकतंत्र में आलोचना सर्वोपरि है वो फिर चाहे काम की हो या व्यक्ति की, सवाल उठता है कि आलोचना करने के लिए झूठ बोलना आवश्यक है क्या? दोस्तों आप प्रधानमंत्री के बयान पर क्या सोचते हैं, क्या आप इस तरह के बयानों से सहमत हैं या असहमत, क्या आपको भी लगता है कि चुनाव जीतने के लिए किसी भी हद तक जाना अनिवार्य है, या फिर आप भी मानते हैं कि कम से कम एक मर्यादा बनाकर रखी जानी चाहिए चाहे चुनाव जीतें या हारें। चुनाव आयोग द्वारा कोई कार्रवाई न करने पर आप क्या सोचते हैं। अपनी राय रिकॉर्ड करें मोबाइलवाणी पर।

मीर मो० शहनवाज - दरभंगा- बिहार। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, पटना के सहयोग से स्वचालित मौसम स्टेशन की स्थापना की गई है। कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने रविवार को मौसम स्टेशन की कार्यशैली का जायज़ा लिया । कुलपति ने कहा कि यह स्वचालित मौसम स्टेशन मिथिला विश्विद्यालय के विद्यार्थियों और अनुसंधानकर्ताओं को नई संभावनाओं की दिशा में ले जाने में मदद करेगा, साथ ही जलवायु विज्ञान में नवीनतम अनुसंधान को प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने इस तकनीकी उन्नति के लिए विश्वविद्यालय भूगोल विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. विनय नाथ झा तथा शिक्षकों को बधाई दी है। विभागीय शिक्षक डॉ. मनु राज शर्मा इस मौसम स्टेशन के समन्वयक के रूप में काम करेंगे और सूचना प्रसार करने में सहयोग करेंगे। डॉ. शर्मा ने बताया कि यह विश्वविद्यालय में अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए दृष्टिकोण से मौसमी आँकड़ों की उपलब्धता को सुनिश्चित करेगा और प्राकृतिक आपदाएँ जैसे बाढ़, सूखा, लू और एक्सट्रीम वेदर के अनुमान करने में सहयोग करेगा। यह मौसम स्टेशन वायु तापमान, वर्षा, वायुमंडलीय दाब, हवा की गति और दिशा पर हर 15 मिनट की अवधि पर आँकड़े उपलब्ध करने के लिए नवीनतम तकनीक से निर्मित है। मौसम स्टेशन के भ्रमण के दौरान प्रो. अजय नाथ झा, डॉ. कामेश्वर पासवान, मो. जमाल की विशेष उपस्थिति रही । विश्विद्यालय ने भारतीय मौसम विभाग, पटना के वैज्ञानिकों में आनंद शंकर, संदीप झा, आशीष कुमार, आर. डी शर्मा के इस स्टेशन के स्थापना में विशेष सहयोग पर आभार व्यक्त किया है।

दरभंगा । क्षेत्र के हरिहरपुर पश्चिमी पंचायत अंतर्गत बहुआरा बुजुर्ग गांव में टैलेंट कोचिंग की तरफ से एक सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। सम्मान समारोह की अध्यक्षता करते हुए निदेशक मो० मकबूल ने मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट में सफल होने वाले छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित। मौके पर मुख्य अतिथि शायरे हिन्द नेपाल हिसामुद्दीन माहिर भारती , डा० सुरेश कुमार , पंडित शशिकान्त झा , मो० ओबैस , मो० मुस्ताक , मो० अफरोज , मौलाना जमाल अब्दुल नासिर साहब कासमी , आदि मौजूद रहे। मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट में सफल होने वालों बच्चों में फातिमा परवीन , मो० अबु तालिब , कुणाल कुमार दास , महाब शेख , रुबी परवीन , सुबी परवीन , नाजदा अहमद , मो० मोतईन सहित कुल 165 छात्र-छात्राओं को किया गया सम्मानित। निदेशक मो० मकबूल ने बताया कि इस वर्ष मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट में सफल होने वाले कुल 165 बच्चों के बीच कप मेडल आदि बांटकर उन्हें सम्मानित किया गया है। सफलता पाने वाले छात्र छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगे कहा कि शिक्षा की बुनियाद पर सबकुछ हासिल किया जा सकता है। मीर मो० शहनवाज ने कहा सम्मानित होने वाले छात्र-छात्राओं को लगन और परिश्रम के साथ आगे बढ़कर अपनी मंजिल को पाप्त करना है। इस सफर में शिक्षकों के साथ-साथ माता पिता का भी अहम योगदान होता है। सफल होने वाले छात्र-छात्राएँ बधाई के पात्र हैं।

जिस तरह एक देश का विकास ज़रूरी है, उसी तरह प्रकृति भी हमारे लिए बहुत ज़रूरी है। औद्योगिक गतिविधियों के कारण प्रकृति को काफी क्षति पहुंची है।आज के समय वैश्विक ताप वृद्धि, जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण जैसी कई बड़ी समस्याएं हमारे समक्ष खड़ी हैं। लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता फ़ैलाने और धरती संरक्षण को लेकर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से हर वर्ष 22 अप्रेल को विश्व पृथ्वी दिवस मनाया जाता है। पृथ्वी दिवस को मनाने की शुरुआत साल 1970 में हुई थी।

"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के अंतर्गत कृषि विशेषज्ञ जीवदास साहू गर्मी के मौसम में धनिया की खेती कैसे करनी चाहिए,इसके बारे में जानकारी दे रहे हैं। सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.

सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...

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