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बिहार राज्य के जमुई ज़िला के घुटवे पंचायत ,ग्राम घुटवे से हमारे श्रोता ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि वो सफाई कर्मी है। ये अक्टूबर से मई तक काम किये लेकिन अब तक वेतन नहीं मिला है।
जमुई जिले के सिकन्दरा प्रखंड के उ मध्य विद्यालय चितौनी के सफाई कर्मी सुचिता देवी पति स्व पप्पू पासवान को दस माह से मानदेय का भुगतान नही किया गया !जिससे उनकी आर्थिक स्थिति दयनीय हो गयी है ! वही इस संबंध में मोबाइल वाणी सवांददाता ने विद्यालय के पूर्व प्रभारी योगेंद्र मिस्त्री से बात की तो उन्होंने बताया कि नंवबर 2023 में एस डी एस सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रखंड के सभी सरकारी विद्यालयों में एक सफाई कर्मी की नियुक्ति की गईं ! मेरे विद्यालय में भी सुचिता देवी का चयन किया गया , वही उस एजेंसी के प्रखंड समन्वयक बिपिन कुमार से बार बार उनके मानदेय के कहा गया तो उन्होंने टालमटोल करते रहे जब कि कुछ विधालयो के सफाई कर्मी का मानदेय का भुगतान कर दिया गया ! अब दोबारा नए एजेंसी मेसर्स अभिनंदन कुमार के प्रखंड समन्वयक नए स्तर से कार्य करीब दो माह से किया जा रहा है इनके माध्यम से भी कुछ विद्यालयों के सफाई कर्मी की मानदेय भुगतान करने की बात सामने आई है लेकिन सुचिता देवी का एक भी माह का भुगतान नही किया गया ! विद्यालय के प्रधानाध्यापक धीरेंद्र सिन्हा ने बताया कि में बार बार व्हाट्सएप्प ग्रुप के माध्यम से लिखित सूचना देने के वाबजूद सफाई कर्मी का मानदेय भुगतान नही किया गया !
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शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक के सख्त एक्शन के बाद बिहार में सियासी बवाल मच गया है। उन्होंने कड़े फैसले लेकर प्रदेश के सियासी गलियों में खलबली मचा दी है। अपर मुख्य सचिव श्री पाठक ने अब एलएलसी संजय सिंह के पेंशन पर रोक लगा दी है। इस खबर के सामने आने के बाद राज्य में सियासी बवाल मच गया है। पेंशन पर रोक लगाए जाने के बाद एमएलसी संजय सिंह ने भी मोर्चा खोल दिया है और नीतीश कुमार के आवास के बाहर धरना देने का ऐलान कर दिया है। सर्वविदित है कि केके पाठक ने यूनिवर्सिटी शिक्षक संघ फुटाब के कार्यकारी अध्यक्ष बहादुर सिन्हा के खिलाफ भी एक्शन लिया है। संजय सिंह इसी शिक्षक संघ के महासचिव हैं और सीपीआई से जुड़े हैं। वे तिरहुत शिक्षक सीट से एमएलसी हैं। फिलहाल केके पाठक के इस एक्शन के बाद बिहार में सियासी बखेड़ा शुरू हो गया है। संजय सिंह प्रोफेसर होने के साथ-साथ सियासी रसूख भी रखते हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग के इस आदेश को तुगलकी फरमान करार दिया है और धरने पर बैठने का भी ऐलान कर दिया है।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
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आज दिनांक 22 2023 को बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ प्रखंड निकाय सिकंदरा के द्वारा एक आवश्यक बैठक रखी गई जिसमें जिला पदाधिकारी जिला शिक्षा पदाधिकारी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी जिला अनुमंडल पदाधिकारी को एक ज्ञापन दिया गया जिसमें निम्न मांगो को लेकर जैसे डीपी का बकाया वेतन दक्षता का बकाया 15 परसेंट का बकाया 100 समय वेतन देना इन सारी मांगों को लेकर ज्ञापन दिया गया एवं मुख्यमंत्री का आगमन पर विरोध प्रदर्शन एवं खराब किया जाएगा .
बिहार राज्य के जमुई जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता रजनी कुमार ने संजीव कुमार से साक्षात्कार लिया जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि कोरोना काल से पहले वो प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते थे।लेकिन लॉक डाउन के कारण उन्हें व्यवसाय बदलना पड़ा।ग्राहक सेवा केंद्र शुरू किया है। इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
दोस्तों, सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन एकोनॉमी की रिपोर्ट कहती है कि मई के दौरान बेरोजगारी दर 12 फीसदी दर्ज की गई है, जबकि अप्रैल के दौरान यह आंकड़ा 8 फीसदी का था. आंकड़ों को अगर देखें तो इस अवधि में करीब 1 करोड़ लोगों की नौकरियां जा चुकी हैं. जाहिर है कि हालात सुधरने में काफी वक्त लगने वाला है. साथियों, हमें बताएं कि अगर आपको पहले की तरह काम नहीं मिल पा रहा है तो इसकी क्या वजह है? क्या कंपनी और कारखानों के संचालक ज्यादा नियुक्तियां नहीं करना चाहते? क्या वे पहले की अपेक्षा कम वेतन दे रहे हैं और क्या आपको कम वेतन पर काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है? क्या काम मांगने के लिए लिखित आवेदन देने के 15 दिन बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ? क्या मनरेगा अधिकारी बारिश या कोविड का बहाना करके काम देने या किए गए काम का भुगतान करने में आनाकानी कर रहे हैं? दोस्तों, अपनी बात हम तक पहुंचाएं ताकि हम उसे उन लोगों तक पहुंचा सकें जो आपकी समस्या का समाधान कर सकते हैं. अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए फोन में अभी दबाएं नम्बर 3.
*कहां से लाऊं कपड़े लत्ते,* *कहां से लाऊं रंग गुलाल,* *भूखा हूं, कई सालों से,* *दो महीने से भी न मिली पगार!* *बच्चे तरस रहे मिठाई को,* *पत्नी को साड़ी की है दरकार,* *कैसे बताऊं बूढ़ी मां को,* *बमुश्किल रोटी का हुआ जुगाड!* *हक और सम्मान की खातिर,* *"जब हमने आवाज उठाई,* *भूखे गुरुओं के पेट पर,* *लात मार बैठी ये सरकार!* *कैसा ये सुशासन,कैसा अत्याचार,* *रोटी और सम्मान के बदले,* *भूखों मार रही ये सरकार!* विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
