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भाटपार रानी,देवरिया। ओडीएफ घोषित जिले की हकीकत काफी कड़वी है। जिले की सभी ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त किए जाने को लेकर इज्ज़त घर का निर्माण कराया गया, लेकिन 90 फीसदी से अधिक गांवों में शौचालय अनुपयोगी हैं। कहीं शौचालय में उपली रखी है तो कहीं पशुओं का चारा रखा गया है। इससे मोदी सरकार का स्वच्छता मिशन असफल साबित हुआ। शनिवार को मोबाइल वाणी ने बनकटा ब्लॉक के गांवों में शौचालयों की वर्तमान स्थिति को देखी तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। बनकटा ब्लाक आराजी पकड़ी, गजहड़वा,किशोरी छापर,भैसाही,छितौनी आदि गांवों में दलित वर्ग के भी लोग रहते। यहां की इसरावती देवी, कपूरा देवी, सुधा और सीमा के शौचालय तो बने हैं पर सोख्ता न बनने से सभी शोपीस हो गए। गांवों में पूर्व के प्रधानों की मनमानी से पीएम के स्वच्छता मिशन का बंटाधार हो रहा है। आधे-अधूरे शौचालय बनाकर छोड़ दिए गए हैं,जिसके कारण से लोग उसमे भूसा,उपली आदि रखे हुए है।
