देवरिया में गुरुवार की सुबह कोहरा के कारण मुसीबत हुआ जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ तो वहीं किसानों के लिए अमृत समान हुआ जहां फसलों के लिए कोहरा बहुत जरूरी है तो वही आम लोगों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा
नए साल में जिले की कानून व्यवस्था और मजबूत करने के लिए कई उपाय किए जाने की योजना है साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए नए साल पर साइबर थाना खुलेगा वही तीन पुलिस चौकी दो थाने का निर्माण होगा
देवरिया जिले में आज सब्जियों के भाव
देवरिया जिले के एक तिहाई हिस्से के भूजल में और सैनिक मात्रा मानक से अधिक मिली है इसका असर लोगों की सेहत पर पढ़ रहा है इसके बावजूद सांप पानी महिया करने की योजना अभी तक परवाह नहीं चल सकी है हाल यह है कि जिले में हर रोज करीब 50 लख रुपए का पानी खरीद कर लोग पी रहे हैं
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत अनाज के वितरण में गड़बड़ी रोकने के लिए प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया जाएगा इसके लिए इस जिले में मार्च 2024 से सभी कोट की दुकानों में तोल के लिए लगे इलेक्ट्रॉनिक तराजू को ए पास मशीन से लिंक कराया जाएगा इससे कांटे से जितनी तौल होगी उतना अनाज कार्ड धारक को मिलेगा
देवरिया शहर में वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की अनिवार्यता को प्रभावी तरीके से लागू करने में परिवहन विभाग नाकाम रहा जिले में करीब 50 फ़ीसदी वहां अभी पुराने नंबर प्लेट लगाई सड़कों पर दौड़ रहे हैं या हालत तब है जब 31 दिसंबर तक सड़क सुरक्षा पखवाड़ा चल रहा है फिर भी बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट वाले वाहनों की तरफ ध्यान नहीं है
भाटपार रानी,देवरिया: स्थानीय थानाक्षेत्र के चनुकी बाजार में एक प्राइवेट चिकित्सक द्वारा 45 वर्षीय फिरोज सिद्धिकी के हाइड्रोसील का आपरेशन किया गया था। आपरेशन में प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आया है। इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई है। जिसे लेकर परिजनों में आक्रोश है। परिजनों की सूचना पर पहुची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दी है। जानकारी के अनुसार मृतक फिरोज सिद्धिकी उम्र 45 वर्ष पुत्र स्व. मो. अत्ते सिद्धिकी चनुकी बाजार में परवीन श्रृंगार पैलेस एवं चुड़ी सेंटर के नाम से दुकान चलाता था। सौ मीटर की दूरी पर मां केसा क्लिनक में एक चिकित्सक बैठता था। पीड़ित परिवार ने उसे झोला छाप चिकित्सक होने का आरोप लगाया है। छः माह से वह बाजार में विभिन्न प्रकार के मरीजो का आपरेशन भी करता था। इसी क्रम में 19 दिसंबर को चिकित्सक द्वारा फिरोज के हाइड्रोसील का आरपरेशन किया गया था। आपरेशन के पश्चात रक्त स्राव बंद न होने से क्लिनिक पर अफरा - तफरी मच गई । मरीज की बिगड़ती हालत देख आनन - फानन में उसे रेफर करते हुए चिकित्सक क्लिनिक बंद कर फरार हो गया। पीड़ित परिवार के अनुसार मृतक का इलाज गोरखपुर स्थित सावित्रि नर्सिंग होम में चल रहा था। मृतक का शरीर काला पड़ता जा रहा था। नर्सिंग होम के चिकित्सकों ने भी हालत में सुधार न होने की स्थिति में विगत 26 दिसंबर की रात रेफर कर दिया। परिजन मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में शिफ्ट करने की तैयारी में लगे थें कि उसकी मौत हो गई। मृतक दाहिने पैर से विकलांग भी हो चुका था। वह पांच भाइयों में बड़ा भाई है। छोटे भाईयों में अफरोज सिद्धिकी, नाजिर सिद्धिकी, अफजल सिद्धिकी ,आबिद सिद्धिकी है। तीन बेटों में सरफराज सिद्धिकी, सुहेल सिद्धिकी व परवीन सिद्धिकी है। पत्नी सलमा खातुन का रो - रो कर बुरा हाल है। इस बावत पूछे जाने पर थानाध्यक्ष दिलीप पांडेय ने बताया कि प्रथम दृष्टया चिकित्सकीय लापरवाही का मामला सामने आया है ,जिसे लेकर शव को पीएम हेतु भेज दिया गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
जनपद स्तरीय ग्रामीण खेल लीग प्रतियोगिता का आयोजन
देवरिया एसडीएम ने रैन बसेरे का किया निरीक्षण
व्यापार बंधु की बैठक संपन्न
