भाइयों के दीर्घायु के लिए एक माह पूर्व शुरू हुआ पीढिया व्रत गुरुवार की सुबह विसर्जन के साथ समाप्त हो गया इस दौरान जलाशय के किनारे मिली जैसा माहौल रहा