समितियों पर डीएपी नहीं मिलने किसानों हो रहे परेशान क्षेत्र के किसान समितियां पर डीएपी नहीं मिलने से रवि फसल की बुआई प्रभावित हो सकती है। समितियां पर पहुंचने के बाद किसानों को निराशा मिल रही है । डीएपी मिलने की सूचना पर समितियां पर किसानों की भारी भीड़ जमा हो जा रही है। किसानों को चिंता है कि समय से डीएपी उपलब्ध नहीं हुआ तो गेहूं फसल की बुवाई प्रभावित हो सकती है। क्षेत्र की अधिकांश साधन सहकारी समितियां बकाया में बंद है। जिन समितियां पर उर्वरक उपलब्ध है वहां किसानों की भारी भीड़ जमा हो जा रही है। ऐसा ही दृश्य जब सतरांव में डीएपी के लिए साधन सहकारी समिति पर दिखा। किसानों को मांग के अनुसार डीएपी उपलब्ध नहीं हो पा रही है। डीएपी उपलब्ध होने की सूचना पर किसानों की भारी भीड़ जमा हो गई। किसानों को मांग के अनुरूप डीएपी नहीं मिल पाया। जिस अधिकांश किसान वापस लौट गए। सतरांव में अब तक 900 बोरी डीएपी किसानों में वितरित हो चुकी है। अभी भी 1000 से अधिक बोरी डीएपी की आवश्यकता है। कसिली, मौना,टीकर समिति के बंद होने के कारण सतरांव की समिति पर आए दिन भरी भीड़ देखने को मिल रही है । यूरिया की कमी नहीं है। क्षेत्र के किसानों गडौना के शिवम पांडे, सुकरौली के हंटर यादव,देऊबारी के धर्मेन्द्र उपाध्याय,मरकड़ा के मनोज मिश्रा ने बताया कि 10 बोरी डीएपी की आवश्यकता है और सिर्फ दो बोरी ही डीएपी मिला है। समय रहते डीएपी नहीं मिला तो गेहूं की बुआई प्रभावित हो सकता है। अधिकांश समितियां का यही हाल है। जिस समिति से भी डीएपी मिलने की सूचना मिलती है, किसानों को लम्बी लाइन लगानी पड़ रही हैं।मरकड़ा के अध्यक्ष सनी मिश्रा ने बताया कि हमारे यहां साधन सहकारी समिति के बिल्डिंग पूरी तरह से जर्जर हो चुका हैं। एक बार में 300बोरी आया था अभी 800बोरी की जरूरत है।