भाटपार रानी,देवरिया: कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना में मंगलवार को किसानों को जागरुक करने के लिए सस्य विज्ञान विशेषज्ञ डॉ० कमलेश मीना द्वारा कीटनाशकों का सुरक्षित एवं समुचित उपयोग विषय पर तीन दिवसीय ऑनलाइन एवं ऑफलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ० मांधाता सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर डॉ० सिंह द्वारा किसानों को अपने संबोधन में बताया गया कि कीटनाशकों का अत्यधिक उपयोग करने से दिन-प्रतिदिन हमारे खेत की मिट्टी,पर्यावरण एवं जीवों के स्वास्थ्य पर विपरीत एवं हानिकारक प्रभाव पड़ रहे हैं। उन्होंने आगे बताया की वर्तमान समय में अनेकों बीमारियां जैसे कैंसर,दिल का दौरा,रक्त संचार आदि खान-पान में रसायनिक पदार्थ की मात्रा के बढ़ने से उत्पन्न हो रही है। इसलिए किसानों को रसायनिक दवाओं एवं उर्वरकों का कम से कम मात्रा में प्रयोग करना चाहिए। इस अवसर पर उद्यान विज्ञान विशेषज्ञ डॉ० रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि वर्तमान समय में किसान भाई सब्जियों में कीटनाशकों का अत्यधिक प्रयोग कर रहे हैं जो मानव स्वास्थ्य के साथ-साथ हमारे मृदा स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के लिए भी घातक होता है। किसानों को सब्जियों में इन कीटनाशकों की अपेक्षा जैविक कीटनाशकों का अधिक से अधिक प्रयोग करें। डॉ० कमलेश मीना ने किसानों को बताया की कुछ कीटनाशक, खरपतवारनाशक एवं फफुंदीनाशक जो हमारी जैवविविधाता के लिए घातक दवाओं को खेती में प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रतिबंधित कीटनाशकों को फसलों में किसी भी रूप में प्रयोग नहीं करना चाहिए। कीटनाशकों का प्रयोग करते समय इस बात का ध्यान रखें की वैज्ञानिकों द्वारा जितनी मात्रा संस्तुत की गई है उतनी ही मात्रा का प्रयोग करें,अधिक मात्रा का प्रयोग घातक होता है। डॉ० मीना ने आगे बताया की छिड़काव करते समय हाथों में दस्ताने, मुंह पर मास्क पहन कर ही छिड़काव करें। जब हवा का प्रवाह नहीं हो तब ही छिड़काव करना अधिक लाभकारी होता है। इन रसायनों का अत्यधिक प्रयोग से मृदा में उपस्थित सूक्ष्म जीवों के स्वास्थ्य, संख्या के साथ-साथ मृदा में उपस्थित जीवाश्म पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है। इस अवसर पर फार्म प्रबंधक श्री अजय तिवारी द्वारा किसानों को अपने संबोधन में बताया की कीटनाशकों का सुरक्षित एवं संतुलित मात्रा में प्रयोग नहीं करने से फसलोत्पादन पर हानिकारक प्रभाव देखा गया है। प्रशिक्षण के दौरान जीपीएस सोसाइटी गोरखपुर एवम प्रदिपात स्टार्टप द्वारा किसानों को ड्रोन के द्वारा खड़ी फसल में कीटनाशकों एवं तरल उर्वरकों के प्रयोग का प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर राहुल कुमार, अमित कुमार, मनजीत कुमार कुशवाहा, अनूप सिंह, कंचन लता, विशिष्ट मिश्रा, चन्द्रदेव यादव आदि सहित 50 प्रशिक्षणार्थी ऑनलाइन एंड ऑफलाइन उपस्थित रहे।