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शनिवार को आजमगढ़ जनपद में धूप खिलने से लोगों को कड़ाके की ठंड से राहत मिली।

ग्रामीण न्यायालय के गठन के विरोध में रहे वकील

एक पिता के लिए बेटों से ज्यादा बेटियां होती हैं , लेकिन ठंड बाड़मेर में कुछ साल पहले तक ऐसा नहीं था । ऐसी ही एक बेटी , भारत - पाकिस्तान सीमा पर बाड़मेर के छोटे से गाँव की प्रमोद , सास बनने वाली सबसे छोटी बेटी है । ज्यादा बंधन बनाने में असमर्थ , लेकिन पिता केसर राम ने प्रमोद को अपने बेटे के बराबर माना और उन्हें छात्र के गाँव से दूसरा मौका दिया । प्रमोद ने परीक्षा के साथ अपनी कड़ी मेहनत जारी रखी और घाग दिल्ली पुलिस में उनका चयन अभी शुरू हुआ है ।