आज मैं आपको द्विवेदी युग के बारे में बताने जा रहा हूं । उन्नीस से उन्नीस सौ बाईस तक द्विवेदी युग का समय था । एरा के बाद , महावीर प्रसाद द्विवेदी ने हिंदी गतियत के निर्माण और प्रसार में योगदान दिया । उन्होंने भारतीय अंतरिक्ष प्रयाग से सरस्वती नामक एक मासिक पत्रिका का संपादन किया । इसके माध्यम से वे भारत को सबसे आगे ले आए । इस युग में विभिन्न भाषा शैलियों का जन्म हुआ और साथ ही गद्य के विभिन्न रूपों का विकास हुआ । इस युग के प्रमुख लेखक हैंः प्रेमचंद जयशंकर प्रसाद , बालक मुकुंद गुरु । मुक्त पदम सिंह शर्मा , बाबू श्याम सुंदरदास , रामचंद्र शुक्ला , पुरुष सिंह , यशोधानन , अखौरी आदि ।
