"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ कपिलदेव शर्मा बेर की फसल में फल गिरने की समस्या के बारे में जानकारी दे रहे है। अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें

कलेक्ट्रेट कक्ष क्रमांक 123 में जिला पंचायत सदस्य पद के फॉर्म की सोमवार को समीक्षा हुई, इस दौरान दो फार्म विद्यमान नहीं होने के कारण रिजेक्ट कर दिए गए। 48 फॉर्म विधिमान्य पाए गए हैं, जो स्वीकार किए गए हैं। सुबह से शुरू हुई समीक्षा शाम तक चली, कलेक्ट्रेट में दिन भर उम्मीदवार एवं उनके समर्थकों की भीड़ लगी रही, अब जिला पंचायत के वार्ड नंबर 5 में 48 प्रत्याशी मैदान में है। अभ्यर्थियों में लक्ष्मी कुमार सिंह ग्राम पाक रोड तहसील ईसागढ़ तथा बाबूलाल ग्राम नदिया पचार तहसील अशोकनगर के नाम निर्देशन पत्र विद्यमान नहीं पाए जाने के कारण निरस्त कर दिए गये।

हिटलर जो सोच और करना चाह रहा था उसे तानाशाही कहते हैं, यह सोच किसी भी व्यक्ति में तब आती है जब उसके अनुयाई मानने वाले लोग आंख मूंदकर उसके सही और गलत हर फैसले को मानने लगते हैं। ऐसा करने के लिए आवश्यक होता है कि अनुयाइयों को इसकी आदत लगा दी जाए, जैसा कि इन दिनों भारत में हो रहा है।

हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। दोस्तों, उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे। हो जाइए तैयार, हंसने-हंसाने के लिए सुनिए हंसी-मज़ाक में डूबे हंसगुल्ले और रिकॉर्ड कीजिए अपने चुटकुले, मोबाइल वाणी पर, फोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।

अशोकनगर के कलेक्टर कार्यालय में जनमन योजना के संबंध में रविवार को बैठक हुई। यह बेटा गूगल मीट के माध्यम से हुई । जिसमें कलेक्ट्रेट एनआईसी कक्ष से अधिकारी जुड़े, जिसमें ग्वालियर आयुक्त दीपक सिंह योजना से संबंधित समीक्षा की, बैठक में संभागीय आयोग ने कहा कि भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री जन मन योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकार के सहयोग से प्रदेश में किया जा रहा है। इस योजना के अंतर्गत आदिवासी ग्रामों में सहरिया आदिवासियों को शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लाभ दिलाना है।

सतगुरू कबीर कहते है अखिल विश्व में प्रकृति और पुरूष अर्थात जड और चेतन दो तत्वों की सत्ता है। इन दोनो के गुण धर्मो से पृथक तीसरे तत्व की अनूभूति किसी को नही होती है। ग्रह हमारी प्रुथ्वी से करोड़ों किलोमीटर दूर आकाश में स्थित है और अपनी अपनी धुरी पर स्थित होते हुए निरंतर गतिशील है निज जड़ पिंड ग्रह मुनष्यों पर कुपित तथा टेढे कैसे हो सकते है फिर भी अज्ञान और भ्रम की महामहिमा में इन ग्रह्रों के चक्कर में सामान्य जन ही नहीं तो बडे-बडे विद्वान ज्ञानी, विज्ञानी, महात्मा, पंडित, तथा सिद्ध नामधारी भटक रहे है। आकाश में फैले ग्रह निरे जड़ है उनका मनुष्यों के सुख-दुख से कोई संबंध नहीं है। अतः उनका मनुष्य पर खुश या नाखुश होना सर्वर्था निराधार है। जरा सोचें यह ग्रह गैर हिंदूओं पर यह खुश या नाखुश क्यों नहीं होते हैं। जबकि गैर हिंदू भी इसी धरा पर रहते है।

"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ जीवदास साहू ,पछेती फूलगोभी की खेती की जानकारी दे रहे है। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें...

कलेक्टर सुभाष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में जिले को संपूर्ण सुकन्या समृद्धि जिला बनाने के लिए बैठक आयोजित की गई। साथ ही जिले की 10 साल से कम उम्र की सभी बेटियों को भारत सरकार की बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत प्रारंभ की गई सुकन्या समृद्धि योजना से जोड़ने पर चर्चा की गई ।बैठक में कलेक्टर ने जिला प्रशासन के सहयोग से जिले में प्रत्येक बेटी को इस योजना का लाभ दिलाने के लिए विस्तृत परियोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।

लड़कियों के सपने सच में पुरे हो , इसके लिए हमें बहुत सारे समाजिक बदलाव करने की ज़रूरत है। और सबसे ज्यादा जो बदलाव की ज़रूरत है, वो है खुद की सोच को बदलने की। शिक्षा महिलाओं की स्थिति में बड़ा परिवर्तन ला सकती है लेकिन शिक्षा को लैंगिक रूप से संवेदनशील होने की जरूरत है। गरीब और वंचित समूह के बच्चों को जीवन में शिक्षा में पहले ही सीमित अवसर मिलते हैं उनमें से लड़कियों के लिए और भी कम अवसर मिलते हैं, समान अवसर तो दूर की बात है। सरकारी स्तर पर जितने ही प्रयास किये जा रहे हों, यदि हम समाज के लोग इसके लिए मुखर नहीं होंगे , तब तक ऐसी भयावह रिपोर्टों के आने का सिलसिला जारी रहेगा और सही शौचालय न होने के कारण छात्राओं को मजबूरी में स्कूल छोड़ने का दर्द सताता रहेगा। तब तक आप हमें बताएं कि *----- आपके गांव में सरकारी स्कूल में शौचालय है, और क्या उसकी स्थिति कैसी है? *----- क्या आपको भी लगता है कि सरकारी स्कूल में शौचालय नहीं होने से लड़कियों की शिक्षा से बाहर होने का बड़ा कारण है *----- शौचालय होने और ना होने से लड़कियों की शिक्षा किस प्रकार प्रभावित हो सकती है?

हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। दोस्तों, उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे। हो जाइए तैयार, हंसने-हंसाने के लिए सुनिए हंसी-मज़ाक में डूबे हंसगुल्ले और रिकॉर्ड कीजिए अपने चुटकुले, मोबाइल वाणी पर, फोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।