वयस्कों के रूप में हमें अपने जीवन में सबसे बड़े विकल्पों में से एक हमारे करियर पथ पर विचार करना है। आदिकाल से ही मनुष्य स्वतंत्र इच्छाधारी प्राणी रहा है, जिसमें स्वतंत्र इच्छा और बुद्धि के द्वारा ऐसे विकल्पों का प्रयोग करने की क्षमता थी। भारत में जाति-आधारित समाज का उदय भारत के उत्तर वैदिक काल में विकसित हुआ और इसने व्यक्तियों के पेशेवर जीवन को उनके करियर को पारंपरिक और अक्सर कठोर, व्यावसायिक संरचनाओं तक सीमित करके आकार दिया। आधुनिक भारतीय समाज जाति प्रथाओं के बारे में अधिक जागरूक है और विशेष रूप से शहरी केंद्रों में, हमारी जाति द्वारा निर्धारित व्यवसायों के अलावा अन्य व्यवसायों को लेने में लचीलापन बढ़ रहा है। इसलिए, युवा वयस्कों को अपने माता-पिता से मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है, जब व्यवसायों को चुनने की बात आती है और इस प्रकार अपने बच्चों के भविष्य के लिए परामर्श और समर्थन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

दिवाली के मौके पर सभी चाहते हैं कि वे सबसे खूबसूरत दिखें अलग दिखें। लेकिन खूबसूरत दिखने के लिए आपको पार्लर जाने या बहुत मेहनत करने की जरूरत नहीं है। आपके लुक के छोटे-छोटे डिटेल्स आपकी सुंदरता को बढ़ा सकते हैं । जानिए किन चीजों की मदद से कर सकते हैं आप अपने दिवाली लुक को और खास बना सकती हैं। दिवाली का त्योहार, लोगो को खुशियों और उमंग से भर देता है। पूरा परिवार और दोस्त इकट्ठा होते हैं, पूजा करते हैं, गेम्स खेलते है, खाते-पीते हैं और खूब सारी मस्ती-मजाक करते हैं। ऐसे में, सभी चाहते हैं कि हम सबसे सुंदर और स्टाइलिश दिखें। इस चक्कर में हम कितने ही पैसे पार्लर में खर्च कर देते हैं, लेकिन इसकी जरूरत नहीं होती। आप अपने दिवाली लुक को छोटी-छोटी चीजों से खास बना सकते हैं। चलिए जानते हैं कैसे बहुत अधिक पैसे बर्बाद किए, इस दिवाली दिख सकती हैं सबसे खूबसूरत। दिवाली पर अपने लुक को खास बनाने के लिए अपने बालों के साथ कुछ नया कर सकती हैं। किसी अच्छे से हेयर स्टाइल के साथ आप माथा पट्टी, हेयर क्लिप, ब्रूच या हेयर पिन का इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे आपका लुक काफी निखर कर आएगा। इयर रिंग्स आपके लुक में बहुत अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए इनका चयन बहुत सोच समझ कर करना पड़ता है। अपने आउटफिट के कॉन्ट्रास्ट के रंग की इयर रिंग्स पहनें। इससे लोगों का ध्यान आपकी ड्रेस से हटकर आपके चेहरे पर आएगा। अपने आउटफिट के अनुसार ही, आप अपनी इयर रिंग चुन सकती हैं जैसे झुमका, बालियां आदि। आपके दिवाली लुक में आपके हाथों को सजाना भी बहुत जरूरी है। इस दिवाली अपने आउटफिट के रंग के हिसाब से आप कड़े या चूड़ियां पहन सकती हैं। इससे आपके लुक में अलग ग्रेस नजर आएगा। साथ ही किसी बोल्ड और स्टाइलिश रिंग से अपना लुक पूरा कर सकती हैं।

किचन में कई तरह के मसाले पाए जाते हैं। जो खाने को बेहतरीन बनाते हैं। इन मसालों में मौजूद गुण सेहत से जुड़ी कई परेशानियों को दूर करने में मदद करते हैं। आमतौर पर हर किचन में अजवाइन जीरा का इस्तेमाल किया जाता है। आप इनमें काला नमक मिक्स कर खा सकते हैं। इससे गैस वजन हाई बीपी कंट्रोल हो सकता है। भारतीय किचन में कई तरह के मसाले पाए जाते हैं, जिनके इस्तेमाल से खाना बहुत ही स्वादिष्ट बनता है। ये मसाले खाने का स्वाद बढ़ाने के साथ सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद होते हैं। आपके किचन में अजवाइन, जीरा और काला नमक बहुत आसानी से मिल जाएंगे। इन तीनों को एक साथ खाना आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। तो चलिए बिना देर किए जानते हैं, अजवाइन, जीरा और काला नमक एक साथ खाने के फायदे। गैस की समस्या से फायदा इम्युनिटी बूस्टर वजन कम करने के लिए दांतों के दर्द से राहत दिलाए हाई बीपी में लाभकारी

डायबिटीज एक खतरनाक कंडिशन है जो कई बीमारियों का कारण बन सकता है। डायबिटीज के लक्षणों की पहचान कर उसे कंट्रोल करना बहुत आवश्यक है। ऐसा न करने पर समस्या गंभीर हो सकती है। इसलिए इसके शुरुआती लक्षणों के बारे में पता होना जरूरी है। जानें क्या है डायबिटीज के लक्षण और किन कारणों से बढ़ सकता है इसका शिकार होने का जोखिम। डायबिटीज की वजह से दिल की बीमारियां, हाइपरटेंशन और किडनी की बीमारियां हो सकती हैं। इसलिए डायबिटीज से बचाव करना बहुत जरूरी है। इसके शुरूआती लक्षणों को पता लगाकर, इसे कंट्रोल किया जा सकता है। हालांकि, इससे बचाव का सबसे बेहतर तरीका है लाइफस्टाइल में बदलाव। जानें क्या होते हैं डायबिटीज के लक्षण और इसके क्या रिस्क फैक्टर्स हो सकते हैं। क्या हैं डायबिटीज के लक्षण? सामान्य से अधिक प्यास लगना अधिक थकावट होना ज्यादा भूख लगना धुंधला दिखना बार-बार यूरिन आने की तीव्र इच्छा कमजोरी महसूस होना छाले जो जल्दी ठीक नहीं होते वजन कम होना ड्राई स्किन बहुत खुजली होना हाथ-पैरों में झंझनाहट

क्या आप जानते हैं अहिल्याबाई निशुल्क शिक्षा योजना के बारे में, नहीं तो चलिए मैं आप को बताती हूं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा राज्य की बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अहिल्याबाई निशुल्क शिक्षा योजना को शुरू किया गया है। इस योजना के द्वारा प्रदेश सरकार गरीब परिवार की लड़कियों के लिए स्नातक तक की पढ़ाई निशुल्क उपलब्ध कराएगी। इससे बालिकाओं की शिक्षाओं के लिए काफी बढ़ावा मिलेगा क्योंकि यह किसी भी परिवार की जब बेटी पड़ती है, तो उनकी कई पीढ़ियां सुधर जाती हैं। किसी भी राष्ट्रीय को सुद्ढ़ बनाने का उनके विषय में विकास के लिए महिलाओं की भागीदारी आवश्यक है इसलिए महिलाओं और लड़कियों का पढ़ना लिखना भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना लड़कों या पुरुषों के लिए है या योजना बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत ही बेटियों की शिक्षा व भविष्य को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है।

"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ जीवदास साहू आलू की खेती के बारे में जानकारी दे रहे है । आलू की खेती कब और कैसे करे सहित अन्य जानकारियों के लिए ऑडियो पर क्लिक करें...

Transcript Unavailable.

"दीपावली है रौशनी का त्योहार , संग लाता है सुख और समृद्धि अपार , झूम रहा खुशियों से घर-संसार समेट लो अपनों का साथ और प्यार" दोस्तों, दीपावली को रौशनी का त्यौहार कहा जाता है। आज ही के दिन श्री राम अपने 14 वर्ष के वनवास को पूरा कर के कार्तिक मास की अमावस्या को अपने घर अयोध्या लौटे थे। लौटने की ख़ुशी में अयोध्यावासियों ने उनका स्वागत कुछ यूँ किया....कि पुरे शहर को मिट्टी के दीयों से जगमग कर डाला।अमवस्या की काली रात रौशनी में डूब गई। तब से ये सिलसिला चलता आ रहा है और लोग इस परंपरा को पीढ़ी दर पीढ़ी निभाते चले आ रहे हैं । दीपावली की तैयारी घर की साफ-सफाई के साथ कुछ दिन पहले से ही शुरू हो जाती है। फिर दीपावली के दिन मिट्टी के दीयों के साथ लोग बिजली की रंग बिरंगी बत्तियों ,आम पत्तों,फूलों की मालाओं,रंगोली ,इत्यादि से अपने घर- आंगन को सजाते हैं। तरह-तरह के पकवान बनाए जाते हैं,मिठाइयां खाई जाती है,खूबसूरत कपड़े पहने जाते हैं और उपहार के साथ दोस्तों रिश्तेदारों से मिलकर खुशियां मनाई जाती है।ये पर्व है दोस्तों के साथ खुशियां बाँटने का और अपनों से मेल मिलाप कर के यादें बटोरने का। साथियों ,आइए आज दीपावली के दिन हम एक दीपक जलाएं विश्व में प्रेम,शांति,सद्भावना और भाईचारा के नाम। आप सब को ग्राम वाणी परिवार के तरफ से दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं !

अधिकांश ग्राम पंचायतों में मुक्तिधाम नहीं बने हैं। इससे यहां के लोगों को अंत्येष्टि करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। समय-समय पर लोगों की ओर से शासन और प्रशासन से मुक्तिधाम बनवाने की मांग भी की जाती रही है। इस समस्या का निस्तारण करते हुए मनरेगा से 56 ग्राम पंचायतों में एक-एक मुक्तिधाम बनवाया जाएगा। इस पर करीब 5.17 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जिले में 1588 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से अधिकांश में मुक्तिधाम नहीं हैं। इससे ग्रामीणों को अंत्येष्टि करने में दिक्कतों को सामना करना पड़ता है। पंचायती राज विभाग की ओर मुक्तिधाम बनवाने के लिए ग्राम पंचायतों को धनराशि दी जाती है, लेकिन यह लक्ष्य बहुत कम होता है। इसीलिए मनरेगा योजना से भी मुक्तिधाम बनवाए जाएंगे, जिससे अधिक ग्राम पंचायतों को लाभ मिल सके। वर्तमान वित्तीय साल में 56 ग्राम पंचायतों का चयन किया गया है। यहां मुक्तिधाम बनाए जाएंगे।

दिवाली पर जिला अस्पताल ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली है। बर्न वार्ड में 10 बेड रिजर्व किए गए हैं। इस वार्ड में एक सर्जन, एक फिजीशियन, एक हड्डी रोग विशेषज्ञ की तैनाती कर दी गई है। ये तीन शिफ्टों में 24 घंटे तैयार रहेंगे। इन चिकित्सकों की ड्यूटी शनिवार से सोमवार तक रहेगी। रविवार को दिवाली है। इस दिन होने वाली किसी भी दुर्घटना से निपटने के लिए जिला अस्पताल तैयार हो गया है। बर्न यूनिट 24 घंटे क्रियाशील रहेगा। आठ-आठ घंटे में सर्जन, फिजीशियन व हड्डी रोग विशेषज्ञ ड्यूटी करेंगे। साथ ही इमरजेंसी में तीन ईएमओ तैनात किए गए हैं। सीएमओ ने दो चिकित्सकों को जिला अस्पताल में तैनात कर दिया है। शहर सहित ग्रामीण इलाकों में भी सुविधाएं बेहतर रहेंगी। सीएमओ ने सभी सीएचसी को 24 घंटे खुला रखने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ. हरपाल सिंह ने बताया कि सीएचसी में इमरजेंसी खुली रहेगी। सभी सीएचसी में पटाखा व आग से झुलसे मरीजों का इलाज होगा। सीएचसी पर दवा उपलब्ध करा दी गई है। हर सीएचसी पर एक एंबुलेंस हर समय तैयार रहेगी।