चुनावी बॉंड में ऐसा क्या है जिसकी रिपोर्ट सार्वजनिक होने से बचाने के लिए पूरी जी जान से लगी हुई है। सुप्रीम कोर्ट की डांट फटकार और कड़े रुख के बाद बैंक ने यह रिपोर्ट चुनाव आयोग को सौंप दी, अब चुनाव आयोग की बारी है कि वह इसे दी गई 15 मार्च की तारीख तक अपनी बेवसाइट पर प्रकाशित करे।
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सुनिए एक प्यारी सी कहानी। इन कहानियों की मदद से आप अपने बच्चों की बोलने, सीखने और जानने की क्षमता बढ़ा सकते है। ये कहानी आपको कैसी लगी? क्या आपके बच्चे ने ये कहानी सुनी? इस कहानी से उसने कुछ सीखा? अगर आपके पास भी है कोई मज़ेदार कहानी, तो रिकॉर्ड करें फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।
महिलाएं अपने जीवन में एक साथ, एक ही समय में कई भूमिकाएं निभाती है और कितनी ही सारी चुनौतियों का सामना करती है। उनकी इसी लगन को सम्मान दिया है मोबाइल वाणी के श्रोताओं ने। चलिए सुनते हैं, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर क्या कहना है श्रोताओं का।
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जिला पंचायत सदस्य व प्रमुख समाजसेवी संदीप वर्मा के नेतृत्व में शहाबुद्दीन पुर स्थित रानी लक्ष्मीबाई इंटर कॉलेज में निशुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर का आयोजन कराया गया जिसमें लगभग 360 मरीजों की आंखों का परीक्षण कर आवश्यकता अनुसार चश्मा आई ड्रॉप वह ऑपरेशन वाले 90 मरीजों को बस द्वारा नेतरास पर ऑपरेशन के लिए सीतापुर आंख अस्पताल ले जाया गया
गोला के कुंभी ब्लॉक के सभागार में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम में जन जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें लोगों को तंबाकू से होने वाली हानिकारक बीमारियों के प्रति सचेत किया गया ब्लॉक सभागार में आयोजित कार्यक्रम में नोडल अधिकारी डॉ राकेश गुप्ता ने कहा कि सरकार कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को तंबाकू के इस्तेमाल के हानिकारक प्रभाव के बारे में जागरूक कर रही है
नगर पालिका परिषद गोला के सभागार में चैती मेला को लेकर बैठक आयोजित की गई जिसकी अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला रिंकू ने की मेले में 37 लख रुपए का बजट चैती मेला को संपन्न करने के लिए पास किया गया बैठक में सर्वसम्मत से निर्णय लिया गया बिजली की दरों में 20% भूमि आवंटन में 10% की बढ़ोतरी की गई एवं पालिका का वार्षिक बजट भी पास किया गया इस मौके पर उप जिलाधिकारी अधिशासी अधिकारी रत्नाकर मिश्रा मौजूद रहे वह तमाम सभासद मौजूदरहे
नर्मदा के किनारों पर अलग-अलग राजवंशों की न जाने कितनी कहानियां लिखी हुई हैं। हालांकि राजवंशों से ज्यादा सभ्यता की कहानियां ज्यादा मुक्कमल दिखाई देती हैं। नर्मदा और उसकी महत्ता को बेहतर समझना हो तो हर साल होने वाली नर्मदा परिक्रमा को देख आना चाहिए। कहने को तो यह परिक्रमा धार्मिक है लेकिन उससे ज्यादा यह सामाजिक है, और प्रकृति के साथ मानव के सहअस्तिव का ज्ञान कराती है।
चुनाव को पेपर लेस बनाने के लिए एप की भागीदारी बढ़ाई जाएगी।
