हरदोई। यूपी बोर्ड की 138 केंद्र पर प्रथम पाली में हाईस्कूल की हिंदी और प्रारंभिक हिंदी की परीक्षा हुई। हिंदी में 54150 परीक्षार्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिसमें से 49283 परीक्षा में शामिल हुुए। परीक्षा में 4867 अनुपस्थित रहे।हिंदी में 10 में से दो परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। प्रथम पाली में इंटर की सैन्य विज्ञान में एक छात्र शामिल हुए। द्वितीय पाली में इंटर की हिंदी की परीक्षा हुई। विभाग द्वितीय पाली की उपस्थिति नहीं बता सका। जिला विद्यालय निरीक्षक बाल मुकुंद्र प्रसाद ने बताया कि परीक्षाएं शांति पूर्वक हुईं। फर्जी छात्र के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा गया है। जांच में अगर विद्यालय की भूमिका मिलती है, तो कार्रवाई की जाएगी।उधर, उप शिक्षा निदेशक रेखा दिवाकर ने गुरुवार को प्रथम पाली में बीएन इंटर कॉलेज भगवंत नगर, मां फूलमती इंटर कालेज माधौगंज, आदर्श इंटर कॉलेज खेमीपुर, एसएन पब्लिक स्कूल इंटर कॉलेज रुकनापुर, रमेश चंद्र अवस्थी इंटर कॉलेज मल्लावां और पं. नेहरू इंटर कॉलेज सदरपुर का निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान परीक्षाएं शांतिपूर्वक होते मिली। इसके बाद जीआइसी में संचालित मानीटरिंग सेल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ऑनलाइन परीक्षा केंद्रों की स्ट्रांग रूम की स्थिति देखी। वहां पर उनको कई केंद्र ऑनलाइन न होने और परीक्षा केंद्रों से आवाज न आने की जानकारी मिली। जिस पर उन्होंने सुधार कराने के निर्देश दिए। -------------- *रोक बावजूद लगे मिले चाइनीज कैमरे* डीडीआर के मॉनीटरिंग सेल के निरीक्षण में पता चला कि बीएसएन का एक घंटा नेटवर्क न आने से उससे जुड़े कैंद्रों का मॉनीटरिंग सेल से कनेक्शन कट गया। इसके अलावा कई केंद्रों पर तस्वीर स्पष्ट नहीं थी, तो कई से आवाज नहीं आ रही थी। जिस पर बताया गया कि कुछ केंद्रों पर चाइनीज कैमरे लगे हैं। जिस कारण परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि रोक के बावजूद चाइनीज कैमरे हटाए क्यों नहीं गए। जिसका जवाब नहीं मिल सका। --------------- *कंट्रोल रूम साबित हुआ सफेद हाथी-* जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में विभागीय कंट्रोल रूम बनाया गया है। जहां पर प्रभारी सहित 20 शिक्षको को लगाया गया है। परीक्षार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति के भी आदेश है। इसके अलावा कंट्रोल रूम भी उपस्थिति, अनुपस्थिति और सचल दल, सेक्टर मजिस्ट्रेट, जोनल मजिस्ट्रेट की ओर से की गई कार्रवाई दर्ज करता है। मगर कंट्रोल रूम को शाम छह बजे तक द्वितीय पाली तो दूर प्रथम पाली तक की उपस्थिति और कार्रवाई की जानकारी नहीं थी
