उत्तर प्रदेश राज्य के गोरखपुर जिले से अर्जुन त्रिपाठी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि खजनी तहसील क्षेत्र में घाघरा नदी एक बार फिर उफान पर है पहाड़ो पर हुई भारी बारिश का कहर नदी के बाढ़ के पानी से घिरे तहसील के बेलघाट इलाके के दर्जनों गांवों को अपनी जद् में ले चुका है। बाढ़ पीड़ितों का हाल जानने और शासन के द्वारा उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए आज तहसीलदार खजनी गोपाल कृष्ण तिवारी ने अधिकारियों और लेखपालों की टीम के साथ बेलघाट ब्लॉक के बाढ़ से प्रभावित गांवों नरगड़ा जग्गा, नरगड़ा शिवदत्त सिंह, रापतपुर, छितौना, वसई चपरहट, सुअरहा, सोपाई समेत कई गांव का निरीक्षण किया, बाढ़ के पानी की जद में आए गांवों का हाल जानते हुए उन्होंने राहत और बचाव कार्यों से जुड़े आवश्यक दिशा निर्देश दिए। साथ ही कहा कि बाढ़ पीड़ितों को आवश्यक वस्तुओं की कमी नहीं होने दी जाएगी। मौके पर पहुंचे तहसीलदार ने बाढ़ प्रभावित गांव से निकलने के लिए कुल 09 नावों की व्यवस्था कराई। उन्होंने बताया कि सरयु नदी (घाघरा) का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। क्षेत्र में स्थापित बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों की निगाहें नदी के जलस्तर में हो रहे बढ़ाव पर लगी हुई हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों और आपदा पीड़ितों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है।
राजनैतिक सिंद्धांत औऱ प्रक्रियाओं में न्याय सबसे पुरानी अवधारणाओं में से एक है, न्याय के सिद्धांत को लेकर तमाम प्रकार की बातें कहीं गई हैं, जिसे लगभग हर दार्शनिक और विद्वान ने अपने समय के अनुसार समझाया है और सभी ने इसके पक्ष में अपनी आवाज को बुलंद किया है। न्याय को लेकर वर्तमान में भी पूरी दुनिया में आज भी वही विचार हैं, कि किसी भी परिस्थिति में सबको न्याय मिलना चाहिए। इसके उलट भारत में इस समय न्याय के मूल सिद्धामत को खत्म किया जा रहा है। कारण कि यहां न्याय सभी कानूनी प्रक्रियाओं को धता को बताकर एनकाउंटक की बुल्डोजर पर सवार है, जिसमें अपरधियों की जाति और धर्म देखकर न्याय किया जाता है। क्या आपको भी लगता है कि पुलिस को इस तरह की कार्रवाइयां सही हैं और अगर सही हैं तो कितनी सही हैं। आप इस मसले पर क्या सोचते हैं हमें बताइये अपनी राय रिकॉर्ड करके, भले ही इस मुद्दे के पक्ष में हों या विपक्ष में
नए नए आजाद हुए देश के प्रधानमंत्री नेहरू एक बार दिल्ली की सड़कों पर थे और जनता का हाल जान रहे थे, इसी बीच एक महिला ने आकर उनकी कॉलर पकड़ कर पूछा कि आजादी के बाद तुमको तो प्रधानमंत्री की कुर्सी मिल गई, जनता को क्या मिला, पहले की ही तरह भूखी और नंगी है। इस पर नेहरु ने जवाब दिया कि अम्मा आप देश के प्रधानमंत्री की कॉलर पकड़ पा रही हैं यह क्या है? नेहरू के इस किस्से को किस रूप में देखना है यह आप पर निर्भर करता है, बस सवाल इतना है कि क्या आज हम ऐसा सोच भी सकते हैं?
भारत में महिला श्रम शक्ति भागीदारी में हाल के वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, हालांकि वैश्विक औसत की तुलना में यह कम आधार पर है। ।स्टेट ऑफ वर्किंग इंडिया रिपोर्ट 2023 के अनुसार, भारत में महिला कार्यबल की संरचना विकसित हो रही है, जिसमें उच्च शिक्षा प्राप्त युवा महिलाओं की संख्या बढ़ रही है जो श्रम बाजार में शामिल हो रही हैं। भारत में दुनिया की सबसे बड़ी कामकाजी आयु वाली आबादी होने का अनुमान है, जो 2030 तक लगभग 70% तक पहुंच जाएगी, लेकिन कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी का वर्तमान निम्न स्तर लगातार असहनीय होता जा रहा है।तो दोस्तों, हर समस्या का समाधान होता है आप हमें बताइए कि *----- महिलाएं किन प्रकार के कार्यों में अधिकतर अपना ज्यादा समय लगाती है ? *----- महिलाओं को उच्च पदों पर पहुंचने में क्या क्या चुनौतियां आती हैं? *----- आपके अनुसार महिलाओं को कार्यस्थल पर किन प्रकार के भेदभाव का सामना करना पड़ता है? और महिलाओं को उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए हमें किस तरह के प्रयास करने की ज़रूरत हैं? *----- क्या आपको भी लगता है कि समाज को इस दिशा में सोच बदलने की ज़रूरत है .?
उत्तरप्रदेश राज्य के गोरखपुर जिला से राजकिशोरी सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भेदभाव जैसी जटिल समस्या से केवल सामाजिक संगठनों, मीडिया और शिक्षा प्रणाली की मदद से निपटा जा सकता है, बशर्ते शिक्षा में धार्मिक मूल्यों की महत्वपूर्ण भूमिका से समझौता न किया जाए। प्रत्येक को इस तरह से प्रस्तुत करने की आवश्यकता है कि उन सभी को मानवता के एक हिस्से के रूप में देखा जा सके।
उत्तरप्रदेश राज्य के गोरखपुर जिला से राजकिशोरी सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही हैं कि बाराबंकी में मुस्लिम दुकानदारों ने सड़क पर नेमप्लेट लगाने और कांवड़ यात्रा में पड़ने वाली दुकानों के सरकार के फैसले पर आपत्ति जताई है, जबकि विपक्षी नेताओं ने भी इस फैसले की आलोचना की है। पसमांदा मुस्लिम समाज ने अपनी सामान्य श्रेणी के मुसलमानों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया है और ये भेदभाव धर्म के नाम पर हो रहे हैं। सरकार भेदभाव पैदा कर रही है। दुकानों पर नेमप्ले लगाने के सरकार के आदेश पर प्रतिक्रिया हिंदुओं और मुसलमानों के खिलाफ समान रूप से भेदभाव फैला रही है।
उत्तरप्रदेश राज्य के गोरखपुर जिला से तारकेश्वरी श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि जागरूकता का अर्थ है लोगों की सामाजिक-सांस्कृतिक और नैतिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता जब लोग समाज में होने वाली विभिन्न घटनाओं और गतिविधियों के प्रति सतर्क होते हैं। इसलिए वे सामूहिक जिम्मेदारी की भावना महसूस करते हैं, यह समाज में सहिष्णुता, समझ और सहयोग की भावना को मजबूत करता है। एक जागरूक समाज में, लोग एक-दूसरे की समस्याओं की जरूरतों को समझते हैं और मदद करने के लिए तैयार होते हैं।
उत्तरप्रदेश राज्य के गोरखपुर जिला से राजकिशोरी सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रही हैं कि उत्तर प्रदेश में सरकार की कांवर यात्रा के मार्ग पर सद्भाव की एक दुकान को बचाएगी दुकानदारों और ढाबा मालिकों को दुकान के सामने नेम प्लेट लगाने का आदेश दिया गया है। बाराबंकी ने ऐतिहासिक महादेव धाम में आने वाले दुकानदारों और राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों को अलग कर दिया है। रामनगर क्षेत्र में ऐतिहासिक धार्मिक स्थल महादेव धाम में नेमप्लेट लगाने के सरकार के फैसले पर दुकानदारों की मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है। नाका चौराहे पर तीस साल से इसे बेच रहे एक पेठा विक्रेता ने सरकार के फैसले का स्वागत किया है, जबकि चालीस साल से इसे बेच रहे एक आम विक्रेता का कहना है कि सरकार सुरक्षित है। दुकानदारों के लिए एक नया फरमान है लेकिन जो भी आदेश मिलता है उसका पालन करना पड़ता है, जबकि स्वीटश के मालिक का कहना है कि सरकार ने कोई नया निर्णय नहीं लिया है। सभी दुकानदारों को रामनगर में अपनी दुकान का नाम लिखना चाहिए।
भारतीय संविधान किसी के आर्टिकल 14 से लेकर आर्टिकल 21 तक समानता की बात कही है, इस समानता धार्मिक आर्थिक राजनीतिक और अवसर की समानता का जिक्र किया गया है। इस समानता किसी प्रकार की जगह नहीं है और किसी को भी धर्म, जाति और समंप्रदाय के आधार पर कोई भेद नहीं किये जाने का भी वादा किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के हालिया फैसले में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि वह धर्म की पहचान के आधार भेदभाव पैदा करने की कोशिश है।दोस्तों आप इस मसले पर क्या सोचते हैं? क्या आप सरकार के फैसले के साथ हैं या फिर इसके खिलाफ, जो भी हो इस मसले पर आपकी क्या राय है? आप इस मसले पर जो भी सोचते हैं अपनी राय रिकॉर्ड करें
रामपुर पांडेय गांव के मंदिर पहुंच कर किया महंत को सम्मानित किया गोरखपुर जिले की खजनी तहसील क्षेत्र में प्रदेश एवं केंद्रीय नेतृत्व के निर्देशानुसार आज भाजपा के स्थानीय दिग्गज नेताओं पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गुरू पूर्णिमा के पावन अवसर पर संतों को सम्मानित किया। क्षेत्र के रामपुर पांडेय गांव में स्थित मंदिर पर पहुंच कर महंथ रामप्रकाश दास को नमन वंदन करते हुए उन्हें अंगवस्त्र और फूल-मालाएं पहनाकर श्रीफल भेंट देकर सम्मानित किया गया। महंथ ने सभी को आशिर्वाद देते हुए कहा कि भाजपा ही है जो नैतिक मूल्यों की रक्षक है, मठों, मंदिरों और सनातन धर्म की रक्षक है तथा साधू संतों का सम्मान करती है। जन कल्याण की भावना और श्रेष्ठ जनों का सम्मान करने से सभी का हित होता है। मंदिर में पहुंचे सभी ने आशिर्वाद और सामूहिक प्रसाद प्राप्त किया। इस दौरान भाजपा के क्षेत्रीय विधायक श्रीराम चौहान जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह उपाध्यक्ष हरिकेश राम त्रिपाठी, जगदीश चौरसिया, सबल सिंह पालीवाल, रामकृष्ण पाठक, बृजकिशोर उर्फ गुलाब त्रिपाठी, रामप्रकाश चौरसिया, आदर्श राम त्रिपाठी, इंद्रकुमार, अनिल उपाध्याय, रामवृक्ष सिंह समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।