गोरखपुर। सफलता के मार्ग में बाधाएँ हमेशा आती रहती हैं। सफलता उन्हें ही मिलती है जो इन बाधाओं से डटकर लड़ाई लड़ते हैं और अपने लक्ष्य पर केन्द्रित रहते हैं। ईमानदारी से किया गया परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता है। पढ़ाई में निरन्तरता अनिवार्य है। सफलता प्राप्ति के लिए सोच सदैव सकारात्मक रखें। नकारात्मक विचारो एवं नकारात्मक सोच वाले लोगों से दूर रहना चाहिए। ऐसे लोग एवं विचार हमेशा आपके एवं आपकी सफलता के बीच एक दीवार के रूप में होते हैं। सफलता प्राप्ति के प्रयासों में ईमानदारी एवं दृढ़ता का होना आवश्यक है। जीवन में कुछ बनने के लिए सपने देखना बहुत जरूरी है सपनों के साथ लक्ष्य का होना दूसरी आवश्यकता है। लक्ष्य निर्धारण के बाद लक्ष्य की प्राप्ति तक निरन्तरता से कठिन परिश्रम करना चाहिए। समय के सही प्रबन्धन एक लक्ष्य के प्रति समर्पण से कठिन से कठिन लक्ष्य आसान हो जाता है। उक्त बातें महाराणा प्रताप महाविद्यालय जंगल धूसड़, गोरखपुर द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में यू.पी.पी.सी.एस. परीक्षा 2023 में 21वीं रैंक प्राप्त करने वाले महाविद्यालय के पूर्व छात्र श्री कृष्णकांत विश्वकर्मा ने कहीं। विद्यार्थियां द्वारा पूछे गये विविध प्रश्नों का उत्तर देते हुए उन्होंने आगे कहा कि सहजता सरलता एवं निरन्तरता सफलता के मूलमंत्र हैं। 8-10 घंटे की पढ़ाई सिविल सेवा के परीक्षाओं की तैयारी हेतु पर्याप्त हैं। प्रारम्भिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा तथा साक्षात्कार हेतु अलग-अलग प्रकार के रणनीति की आवश्यकता होती है। परीक्षा के पाठ्यक्रम की पूर्ण जानकारी आरम्भ में ही ले लेनी चाहिए। विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए महाराणा प्रताप कृषक इण्टर कालेज, जंगल धूसड़, गोरखपुर के पूर्व प्रधानाचार्य श्री ब्रहमदेव यादव ने कहा कि विद्यार्थियों की ऐसी सफलताओं से शिक्षण संस्थानों का मान बढ़ता है। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद् द्वारा स्थापित शिक्षण संस्थाओं से ज्ञान प्राप्त कर समाज को सही दिशा देने में समर्थ ऐसे ही युवाआें को गढ़ने का सपना हमारे गोरक्षपीठाधीश्वरों द्वारा देख गया था। आज ऐसे मौके पर यह कहने में अतिश्योक्ति महसूस नहीं हो रही है कि हमारे संस्थापकों के सपने अब धीरे-धीरे पूर्णता की ओर बढ़ रहे हैं। हमारे पूर्वांचल के क्षेत्र में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। इस बात को कृष्णकांत विश्वकर्मा ने डिप्टी कलेक्टर बनकर साबित कर दिया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के उप प्राचार्य डॉ0 विजय कुमार चौधरी ने कहा कि महाविद्यालय से शिक्षा प्राप्त कर प्रशासनिक सेवा में चयनित कृष्णकांत विश्वकर्मा आज एक प्रेरणा स्रोत के रूप में महाविद्यालय के अन्य विद्यार्थियों को प्रेरित कर रहे हैं। महाविद्यालय परिवार उनकी इस उपलब्धि पर गौरवान्वित है तथा उनके जैसे और विद्यार्थी विभिन्न प्रकार की सेवाओं में चयरित होकर देश एवं समाज के विकास में योगदान दे सकें, इस हेतु पूरी लगन व निष्ठा के साथ कृत संकल्पित है। इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी शिक्षकों ने हर्ष के साथ कृष्णकांत विश्वकर्मा को शुभकामनाएँ दी। कार्यक्रम का संचालन श्री विनय कुमार सिंह एवं संयोजन श्रीमती शिप्रा सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी शिक्षक,कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।