दुनियाभर में कैंसर के विभिन्न प्रकार वैज्ञानिकों की चिंता का कारण बने हुए हैं। कैंसर के ज्यादातर प्रकार का इलाज जल्दी जांच पर निर्भर करता है। इलाज के बाद भी कैंसर के दोबारा होने की आशंका बनी रहती है। दशकों तक सीमित सफलता के बाद अब वैज्ञानिकों को उम्मीद की नई किरण दिखी है।माना जा रहा है कि अगले पांच साल में कैंसर को लेकर कई कारगर टीके विकसित किए जा सकते हैं।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
पिछले साल सड़क हादसे में लगभग 15,000 लोगों की मौत हुई, जिसमें 7,700 लोग दोपहिया वाहन चालक थे। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।राज्य परिवहन आयुक्त द्वारा पिछले सप्ताह जारी एक परिपत्र में साझा किये गये आंकड़ों के मुताबिक, ज्यादातर दोपहिया वाहन चालकों की मौत हेलमेट नहीं पहनने के कारण सिर में चोट लगने की वजह से हुई।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
मानसून में देरी का असर खरीफ फसलों पर बुरी तरह से पड़ा है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के आंकड़े बताते हैं कि 23 जून 2023 तक देश में 129.53 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुआई हो चुकी है, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 6.12 लाख हेक्टेयर कम है, लेकिन चूंकि पिछले साल भी जून के महीने में मानसून देरी से आया था। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
फैक्ट-चेक करने वाले मंचों को अब केंद्र सरकार से पंजीकरण प्राप्त करने की आवश्यकता हो सकती है. यह उनसे अधिक जवाबदेही मांगने की सरकारी योजना का हिस्सा है. एक रिपोर्ट में बताया है कि आगामी डिजिटल इंडिया विधेयक के तहत एक महत्वपूर्ण प्रावधान के रूप में वर्तमान में इस पर विचार किया जा रहा है, यह भारत के वर्तमान इंटरनेट कानून की जगह लेगा.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) के मुताबिक 2022 में करीब 4.33 करोड़ बच्चों को जबरन विस्थापित होने का दंश झेलना पड़ा था। विस्थापित बच्चों का यह आंकड़ा 2022 में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया था। गौरतलब है कि अपने घरों को छोड़ जबरन विस्थापित हुए बच्चों की संख्या पिछले दशक में बढ़कर दोगुनी हो गई है।इनमें से 1.2 करोड़ बच्चे वो थे जिनकों बाढ़, सूखा, तूफान जैसी चरम मौसमी घटनाओं के चलते जबरन अपना घर-बार छोड़ना पड़ा था।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
स्कूली शिक्षा में सुधार की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे शिक्षा मंत्रालय की एक और बड़ी पहल रंग लाते दिख रही है। जिसमें छात्रों के बीच की असमानता की खाईं को पाटने और उन्हें किसी तरह की असुविधा से बचाने के लिए ज्यादातर राज्य अब एक जैसे पैटर्न पर बोर्ड परीक्षाएं कराने के लिए सहमत होते दिख रहे है।खबर को पूरा सुनने के लिए ऑडियो लिंक पर क्लिक करें
उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार तक भीषण गर्मी के कारण लोगों की जिंदगी पर बन आई है, बची-खुची कसर दोनों राज्यों की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था ने कर दी। केवल उत्तर प्रदेश के बलिया में 57 लोगों की मौत हो चुकी है, और ये आंकड़े चौंकाने वाले इसलिए हैं, क्योंकि ये मौतें महज़ पिछले तीन दिनों में हुई है। वहीं अस्पताल प्रबंधक ये मानने को तैयार नहीं है, कि ये मौतें हीट वेव के कारण हो रही हैं, जबकि इन मौतों का कारण कभी कॉलरा बताया जा रहा है, तो कभी डायरिया, या ये कहकर जस्टिफाई किया जा रहा है कि ये मौतें दूषित पानी पीने के कारण हो रही है।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। अगले चार से पांच दिनों के दौरान देश के लगभग सभी राज्यों में मानसून दस्तक देगा। हालांकि, कुछ राज्यों में हीटवेव को लेकर आईएमडी ने अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने बताया कि छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना और विदर्भ में अगले तीन दिन तक हीट वेव की स्थिति बनी रहेगी।ज़्यादा जानने के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें।
गुजरात के तटीय इलाकों के साथ देश के कुछ अन्य हिस्सों के लिए चुनौती बने चक्रवात बिपरजॉय से मुकाबले की तैयारी में बड़ा योगदान पिछले कुछ सालों में आपदा प्रबंधन की दिशा में उठाए गए अहम कदमों का भी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस दौरान आपदाओं से निपटने के लिए न केवल एनडीआरएफ को सशक्त किया है, बल्कि राज्यों को भी सहायता दी गई है।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही उच्च शिक्षण संस्थानों को रैगिंग मुक्त रखने की तैयारी भी शुरू हो गई है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ( यूजीसी ) ने इस दिशा में कई अहम कदम उठाए है। इसमें रैगिंग के रोकथाम से जुड़े पहले से प्रचलित नियमों को और सख्ती से साथ जहां सभी विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को अमल में लाने के लिए कहा गया है।ज़्यादा जानने के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें।
