फतुहा। शहर के दरियापुर कटैया घाट स्थित रामजानकी मंदिर प्रांगण के खाली बने जमीन पर सामुदायिक भवन बनेगा।इसकी धोषणा पटना साहिब के सांसद रविशंकर प्रसाद ने की है। इस अवसर पर वरीष्ठ पत्रकार अरूण कुमार पांडेय, भाजपा नेता ई०सत्येन्द्र सिंह, अरविंद यादव,नगर मंडल अध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी, शोभा देवी,अरूण झा,अनामिका अग्रवाल, सुजीत कुमार आदि मौजूद थे।
फतुहा।नगर में सोमवार को भाजपा युवा मोर्चा की ओर से नगर अध्यक्ष सुजीत कुमार के द्वारा बिहार सरकार के विरुद्ध हस्ताक्षर अभियान चलाया गया ।इस अवसर पर नगर मंडल अध्यक्ष श्याम सुंदर केशरी ने बताया की यह हस्ताक्षर अभियान पूरे प्रदेश में भाजपा युवा मोर्चा के द्वाया चलाया जा रहा जिसमें बिहार में आराजकता, भष्ट्राचार, कानून -व्यवस्था की खराब स्थिति सहित सरकार द्वारा 10 लाख नौकरी देने के वादे को सरकार से जबाब मांग रहे है। मौके पर नगर मंत्री रवि प्रकाश, हिमांशु कुमार,विशाल कुमार,रौशन कुमार सहित दर्जनों मौजूद थे।
फतुहा। एसीसी सीमेंट के नए प्रोडक्ट के साथ सोमवार को एक रैक फतुहा यार्ड में पहुंचा। रैक पहुंचने पर कम्पनी के अधिकारियों द्वारा गाजे-बाजे के साथ स्वागत किया गया। कंपनी के बिहार लॉजिस्टिक्स हेड चंदन कुमार ने बताया कि अडानी सीमेंट का यह नया एसीसी कंक्रीट प्लस सीमेंट गुणवत्तापूर्ण है तथा बाजार में इसकी काफी मांग है। सोमवार को इस सीमेंट के 42 वैगन का रैक फतुहा पहुंचा। आगे भी इसकी आपूर्त्ति की जाती रहेगी। इस अवसर पर बिहार सेल्स हेड आकाश कुमार, फतुहा सीएफए अजय गुप्ता, पटना एरिया इंचार्ज प्रेमरंजन, कस्टमर सर्विस के कैसर जावेद आदि मौजूद थे।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को कहा कि स्टेशन को पुनर्विकसित करने की परियोजना के नाम पर किराये में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। पुनर्विकास परियोजना के लिए आवश्यक लगभग 25,000 करोड़ रुपये वर्तमान बजट के माध्यम से आवंटित किए जाएंगे।रेलवे ने देश के लगभग 1,300 प्रमुख स्टेशन को अमृत भारत स्टेशन के रूप में पुनर्विकसित करने की योजना बनाई।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
मानवीय गतिविधियों के कारण पृथ्वी का तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे जलवायु में हो रहे परिवर्तन मानव के लिए दिन-प्रतिदिन खतरनाक बनता जा रहा है। जलवायु परिवर्तन, शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों को बड़े पैमाने पर प्रभावित करता है। इससे होने वाली बीमारियों से निपटने के लिए डॉक्टर भी अपने आप को तैयार कर रहे हैं।जलवायु परिवर्तन से होने वाली बीमारियों के बारे में डॉक्टर अपने मरीजों को इसके बारे में जागरूक भी कर रहे हैं।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
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देश में हथकरघा उद्योग को सशक्त बनाने और दुनियाभर में हैंडलूम की पहचान बनाने के मकसद से हर साल 7 अगस्त का दिन भारत में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में मनाया जाता है। हैंडलूम हमारे भारत की सांस्कृतिक विरासत का अहम हिस्सा है या यों कहें कि पहचान है। पहवाने से लेकर घर की सजावट तक में हैंडलूम को अब खासतौर से शामिल किया जाने लगा है, जिससे इस इंडस्ट्री में रोजगार बढ़ा है और कारीगरों की स्थिति भी सुधर रही है। हैंडलूम उद्योग बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार देने के अलावा महिलाओं को आत्म निर्भर बनने का भी मौका देता है। हमारे देश में ऐसे कई राज्य हैं, जो खासतौर से अपने हैंडलूम के लिए जाने जाते हैं, जैसे- आंध्र प्रदेश की कलमकारी, गुजरात की बांधनी, तमिलनाडु का कांजीवरम और महाराष्ट्र की पैठनी, मध्य प्रदेश की चंदेरी, बिहार का भागलपुरी सिल्क पटना जिले के फतुहा में डस्टर कुछ ऐसे हैंडलूम हैं, जो भारत ही नहीं, दुनिया भर में मशहूर हैं। "हैंडलूम का इतिहास" साल 1905 में लार्ड कर्ज़न ने बंगाल के विभाजन की घोषणा की। इसी दिन कोलकाता के टाउनहॉल में एक महा जनसभा से स्वदेशी आंदोलन (Swadeshi Movement) की शुरुआत हुई थी। इसी घटना की याद में हर साल 7 अगस्त को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस मनाया जाता है। 7 अगस्त, 2015 में प्रधानमंत्री ने इस दिन की शुरुआत की थी। तब से हर साल इस दिन को मनाया जाता है। 7 अगस्त 2023 को 9वां हैंडलूम-डे मनाया जाएगा। "क्यों मनाया जाता है हथकरघा दिवस?" हथकरघा दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लघु और मध्यम उद्योग को बढ़ावा देना है। इसके अलावा यह दिन बुनकर समुदाय को सम्मानित करने और भारत के सामाजिक-आर्थिक विकास में उनके योगदान को सराहने के मकसद से भी हथकरघा दिवस मनाया जाता है। यह बहुत जरूरी है कि हथकरघा से बनी चीजें देश- विदेश के कोने-कोने तक पहुंचे। इससे भारत को अलग पहचान तो मिलेगी ही साथ ही बुनकर समुदायों को भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
रविवार को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश भर में 508 स्टेशनों का कायाकल्प करते हुए फतुहा स्टेशन के भी काया कल्प की आधारशिला रखी। प्रधान मंत्री ने वर्चुअल आधारशिला स्टेशन के छह नम्बर प्लेटफार्म पर आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान रखी। मुख्य अतिथि के रुप में पटना साहिब के सांसद सह पूर्व केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद मौजूद रहे। प्रधान मंत्री ने अपने सम्बोधन में कहा कि अब स्टेशनों की पहचान मुख्य रुप से शहर के सांस्कृतिक विरासत से होती है। शहर की ज्यादातर गतिविधियां स्टेशन के पास ही होती है। इसलिए शहरों की पहचान के लिए वन स्टेशन वन प्रोडक्ट की योजना शुरु की गयी है। वहीं आधारशिला समारोह में रविशंकर प्रसाद ने भाजपा नेतृत्व व रेलवे की प्रगति की चर्चा की। विदित हो कि फतुहा स्टेशन के पुनर्विकास के लिए 32•75 करोड़ की राशि आवंटित की गई है। इसमें स्टेशन के दोनों तरफ यात्रियों की सुविधा के लिए प्रवेश व निकास की अलग अलग व्यवस्था की जाएगी। प्लेटफार्म छह की ओर स्टेशन का मुख्य प्रवेश द्वार बनाया जाएगा।दिव्यांग जन यात्रियों के लिए उनके अनुकूल सुविधा भी प्रदान की जाएगी। 12 मीटर चौड़ी प्लेटफार्म के उपर पैदल पुल बनाया जाएगा। स्टेशन के पास दोनों तरफ पार्किंग व हरा भरा क्षेत्र विकसित किया जाएगा। प्लेटफार्म पर डिस्प्ले बोर्ड के साथ कोच बोर्ड भी लगाए जाएंगे। बुनियादी सुविधा को देखते हुए प्लेटफार्म का भी कायाकल्प किया जाएगा। लिफ्ट व एक एसकेलेटर भी लगाया जाएगा। मुख्य प्रवेश द्वार ऐसा बनाया जाएगा कि यात्रियों का वाहन प्लेटफार्म के काफी निकट पहुंच जाय। मौके पर कार्यकर्ता, शहर के समाजसेवी व गणमान्य लोग उपस्थित थे।
गांव आजीविका और हम कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ श्री जिव दास साहू जानकारी दे रहें हैं उन्नत विधि से धान की खेती करने के बारे में। अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.
फतुहा। शनिवार की देर शाम फतुहा जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर दो पर ट्रेन से गिरकर एक 18 वर्षीय युवक गंभीर रूप से जख्मी हो गया युवक का दाहिना पैर पूरी तरह से कट चुका है तत्काल रेल पुलिस के द्वारा प्राथमिक उपचार के लिए उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फतुहा लाया गया। जहां से गंभीर हालत में उसे पटना पीएमसीएच के लिए रेफर कर दिया गया। जानकारी मिलते ही मौके पर रोहित के परिजन फतुहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच गए। युवक की पहचान जेठूली गांव निवासी लालबाबू साह के पुत्र रोहित कुमार के रूप में हुई है।युवक बचपन से ही अपने नानी के घर में रहता था। बताया जाता है कि वह अपने दोस्त के साथ राजगीर मलमास मेला देखने के लिए बंका घाट स्टेशन से दानापुर राजगीर मेमू सवारी गाड़ी से जा रहा था। वह फतुहा जंक्शन के प्लेटफार्म संख्या दो पर उतरने के क्रम में हादसे का शिकार हो गया।
