चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण अंग हैं और इनका महत्व तभी है, जब वे निष्पक्ष तरीके से हों और इसमें शामिल होने वाले हर दल, हर व्यक्ति को समान अवसर उपलब्ध कराए जाएं, जिससे किसी को यह न लगे की उसके साथ भेदभाव किया गया है। चुनावी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए भारत में अलग से एक संस्था बनाई गई है, जिसे चुनाव आयोग के नाम से जाना जाता है। आजादी के बाद से अब तक इसे एक निष्पक्ष इकाई के तौर पर ही माना जाता रहा है। एक समय था जब, पूर्व चुनाव आयुक्त टीएन शेषन आयोग की ईमानदारी का दूसरा नाम बन गये थे। लेकिन अब उसकी निष्पक्षता को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है। चयन प्रक्रिया में बदलाव के लिए पेश किया गया विधेयक कानून बनता है तो सोचिए कि देश में न्यायपूर्ण और स्वतंत्र चुनाव करवाना संभव हो पाएगा? चुनाव आयुक्तों के चयन की प्रक्रिया को बदलकर सत्तारूढ़ दल चुनाव को अपने पक्ष में मोड़ने का प्रयास कर रहे हैं? इसके अलावा ऐसा करने के अलावा और क्या मंशा हो सकती है? इस बारे में ताज़ा जानकारी के लिए सुनें हमारा कार्यक्रम, 'पक्ष और विपक्ष'। और हाँ, कार्यक्रम के अंत में अपनी राय रिकॉर्ड करना ना भूलें। अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए दबाएं नंबर 3 जरूर दबाएं.
जलवायु की पुकार कार्यक्रम के अंतर्गत इस अंतिम प्रोमों में हम जानेंगे कि हमने जलवायु से सम्बंधित अनेक बातें की हैं और जानकारियों पर विचार भी किया है
कच्चे धागों से बनी पक्की डोर है राखी, प्यार और मीठी शरारतों की होड़ है राखी। भाई की लंबी उम्र की दुआ है राखी, बहन के स्नेह का पवित्र प्रतीक है राखी। कलाई पर रेशम का धागा है, बहन ने बड़े प्यार से बांधा है, बहन को भाई से रक्षा का वादा है। दोस्तों ,सावन पूर्णिमा के दिन भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन मनाया जाता है,रक्षाबंधन का त्योहार भाई और बहन के लिए बेहद ही खास दिन होता है। बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधकर भारतीय संस्कृति की पहचान कायम करती है, तो भाई बहन को रक्षा करने का वचन देता है। श्रोताओ मोबाइल वाणी परिवार की और से आप सभी को राखी के त्यौहार ढेर सारी शुभकामनाएं !
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भारतीय संविधान में भारत को ‘राज्यों के संघ’ के रूप में संबोधित किया गया है। इसके विपरीत संविधान में कहीं भी महासंघ या फेडरेशन (फेडरेशन ) शब्द का प्रयोग नहीं किया गया है। संघवाद सत्ता का वह स्वरूप है जहां सत्ता एक से ज्यादा स्तरों पर बटी होती है। भारत में यही व्यवस्था है, और इसी के चलते यहां सत्ता का बंटवारा केंद्र और राज्य के स्तर पर किया गया है। सहकारी संघवाद में केंद्र व राज्य एक-दूसरे के संबंधों में एक-दूसरे के सहयोग से अपनी समस्याओं को हल करने का प्रयास करते हैं। सहकारी संघवाद की इस अवधारणा में यह स्पष्ट किया जाता है कि केंद्र और राज्य में से कोई भी किसी से श्रेष्ठ नहीं है।
खुसरूपुर।सावन मास की अंतिम सोमवारी पर प्रखंड के प्राचीन एवं ऐतिहासिक श्रीगौरीशंकर बैकुंठनाथ मंदिर में जलाभिषेक करने भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है।अल सुबह से ही लोग भगवान भोलेनाथ पर जल अभिषेक करने पहुंच रहे हैं।भक्तों की लंबी कतार लगी है।मंदिर का पूरा परिसर भक्तों की भीड़ से अटी पड़ी है।आज सावन मास का अंतिम सोमवार और सावन की आठवीं सोमवारी है और हर कोई इस अवसर पर जलाभिषेक को तत्पर हैं।प्रदोष वर्त के दुर्लभ संयोग में सावन की आठवीं सोमवारी है। सनातन धर्मालंबी आज सुबह स्नान ध्यान कर भगवान भोलेनाथ को रुद्राभिषेक, जलाभिषेक, पार्थिव पूजन, महामृत्युंजय जाप कर भगवान भोलेनाथ को रिझाने में लगे हुए हैं।भारी भीड़ के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन सदलबल चप्पे चप्पे पर चौकस है।अंचल पदाधिकारी संजीव कुमार सिंह,थानाध्यक्ष चंद्रभानु मंदिर पर कैंप कर रहे हैं।
खुसरूपुर।थाना क्षेत्र के केलवारिया गांव में दुर्गा प्रसाद के घर मे अज्ञात अपराधियों ने हथियार के बल पर शनिवार की रात करीब तीन लाख रुपये की जेवरात एवं कीमती सामानों को लूट ले गए। पीड़ित दुर्गा प्रसाद ने बताया कि रात्रि में करीब बारह बजे के बाद अज्ञात चोर उंनके घर के छज्जे के सहारे घर मे दाखिल हो गया। उसके बाद उसने घर का मुख्य दरवाजा को खोल कर अपने साथियों घर में दाखिल करा दिया।घर में घुसे अपराधियों ने गृहस्वामी एवं उनकी पत्नी को जबरन कमरे में बंद कर दिया। बदमाशों ने घर में रखे आलमीरा को तोड़ दिया और लॉकर में रखे सोने के जेवरात निकाल लिया।आलमीरा में रखे पचास हजार नगदी भी ले लिया।घर से तीन सूटकेस साथ ले गया और रेलवे लाइन के किनारे तोड़ कर कीमती सामान उड़ा लिया।घटना की सूचना पर पुलिस रात में पहुंची और छानबीन में जुट गई।घटना को लेकर लोगों में दहशत व्याप्त है।
फतुहा। कल्याणपुर स्थित श्री राम जनक लाल ठाकुरबाड़ी में रविवार की देर शाम से झूलन महोत्सव शुरू हुआ। यह 31 अगस्त तक चलेगा। श्री राम जनक लाल ठाकुरबाड़ी के पुजारी श्री सुबोधानंद पाण्डेय ने बताया कि झूलन मंदिर में यह परंपरा वर्षो से नियम-निष्ठा के साथ धूमधाम से निभाई जा रही है। राधा-कृष्ण की प्रतिमा को झूले पर बिठाकर आकर्षक व सुसज्जित तरीके से सजाया जाता है। झूलनोत्सव का यह कार्यक्रम पांच दिनों तक विधिवत पूजा के साथ संपन्न होता है। प्रत्येक संध्या भगवान की भव्य आरती व शीतला भोग एवं प्रसाद का वितरण भक्तों के बीच किया जाता है। आचार्य पंकज पाण्डे ने बताया कि जब कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर इंद्र के अभिमान को चूर कर दिया तो सभी गोकुलवासियों को घोर आश्चर्य हुआ, क्योंकि बचपन में ही पुतना वध, कालिया नाग मर्दन से लेकर गोवर्धन पर्वत उठाना साधारण मनुष्य के वश की बात नहीं थी, तब कृष्ण ने अपनी लीला दिखाई तो सभी ग्रामवासी लौट गए, परंतु गोपियां वहां रह गई। बाद में कृष्ण ने सभी गोपियों के साथ उल्लास मनाया। यह अद्भुत दृश्य देखने लायक था। इसमें ईश्वर की असीम कृपा थी। सभी आनंद में झूला झूलने लगे। ठाकुरबाड़ी के व्यवस्थापक हरिशंकर गुप्ता, संजय कुमार, पंकज पाण्डे,पिंटू पाण्डे, गौरव गुप्ता, माधव कुमार, कन्हैया लाल पाण्डे, सतीश कुमार एवं सभी फतुहा के लोग झूलन को सफल बनाने के लिए अपना योगदान दे रहे हैं। रामजनक लाल ठाकुरबाड़ी में झूलनोत्सव को ले सजाया गया भगवान का दरबार व पूजा अर्चना करने पहुंचे श्रद्धालु।
खुसरूपुर।थाना क्षेत्र के केलवारिया गांव में दुर्गा प्रसाद के घर मे अज्ञात अपराधियों ने हथियार के बल पर शनिवार की रात करीब तीन लाख रुपये की जेवरात एवं कीमती सामानों को लूट ले गए। पीड़ित दुर्गा प्रसाद ने बताया कि रात्रि में करीब बारह बजे के बाद अज्ञात चोर उंनके घर के छज्जे के सहारे घर मे दाखिल हो गया। उसके बाद उसने घर का मुख्य दरवाजा को खोल कर अपने साथियों घर में दाखिल करा दिया।घर में घुसे अपराधियों ने गृहस्वामी एवं उनकी पत्नी को जबरन कमरे में बंद कर दिया। बदमाशों ने घर में रखे आलमीरा को तोड़ दिया और लॉकर में रखे सोने के जेवरात निकाल लिया।आलमीरा में रखे पचास हजार नगदी भी ले लिया।घर से तीन सूटकेस साथ ले गया और रेलवे लाइन के किनारे तोड़ कर कीमती सामान उड़ा लिया।घटना की सूचना पर पुलिस रात में पहुंची और छानबीन में जुट गई।घटना को लेकर लोगों में दहशत व्याप्त है।
फतुहा। रविवार को स्थानीय गंज पर स्थित सरगम संगीत सांस्कारिक कला संस्थान में देश के महान पार्श्व गायक रहे मुकेश की पुण्यतिथि मनाई गई। संस्थान के कलाकारों द्वारा उनके गाए गीत को एक से एक बढ़कर प्रस्तुति दी तथा गायक मुकेश के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके गीतो पर कलाकारों ने प्रस्तुति देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध भी कर दिया। कार्यक्रम का संचालन देवेन्द्र विद्यार्थी ने किया। धर्मेंद्र कुमार, सोनाली शर्मा,शशि शास्त्री व धीरज कुमार ने जंहा मुकेश के गाये गीतो की प्रस्तुति दी, वहीं मोहम्मद शबबीर,रंजय कुमार व रवि शर्मा ने संगीत इंस्ट्रूमेंट बजा लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
