भारत में लगातार कोविड-19 के सक्रिय मामलों में गिरावट दर्ज की गई है। आज यानी 14 मई 2023 को सक्रिय मामलों की संख्या 15,515 के आसपास बनी हुई है। 13 मई 2023 की सुबह आठ बजे केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में सक्रिय मामलों की संख्या 16,498 थी, जबकि 12 मई को इनकी संख्या 18,009 दर्ज की गई थी। केरल अभी भी सक्रिय मामलों के मामले में सबसे ऊपर है।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
मेरी भी आवाज़ सुनो कार्यक्रम के अंतर्गत इस कड़ी में किसान क्रेडिट कार्ड योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।भारत सरकार ने छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लोन देने की शुरुआत की है .अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
मोका चक्रवात 13 मई को बंगाल की खाड़ी से टकरा चुका है। मौसम विज्ञानियों और जलवायु वैज्ञानिकों ने कहा कि यह साल 1982 के बाद मई के महीने में बंगाल की खाड़ी से टकराने वाला सबसे तेज गति का चक्रवात है। इसकी तीव्रता 260 किमी प्रति घंटे थी, जिसकी वजह से बांग्लादेश और म्यांमार के तटों पर भारी नुकसान हुआ। इससे पहले साल 1997 में बंगाल की खाड़ी से एक चक्रवात 212 किलोमीटर की रफ्तार से टकराया था। वहीं साल 2020 में अम्फान चक्रवात 265 किलोमीटर की रफ्तार से बंगाल की खाड़ी से टकराया था। इस चक्रवात में कम से कम तीन लोगों के मारे जाने की सूचना मिली थी, क्योंकि चक्रवात ने बांग्लादेश में दुनिया के सबसे बड़े शरणार्थी शिविर को पार करने के लिए तैयार किए गए रास्ते पर लैंडफॉल बना दिया था, जो लगभग एक लाख रोहिंग्याओं का घर था, जो सालों पहले पड़ोसी म्यांमार से भाग गए थे। व्यापक विनाश की आशंका पर सुरक्षा की टीमों ने बांग्लादेश और म्यांमार से सैकड़ों हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला। भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान के जलवायु वैज्ञानिक रॉक्सी मैथ्यू कोल ने कहा कि वर्ष 2008 में चक्रवात नरगिस की तीव्रता 215 किमी प्रति घंटे की थी। यह म्यांमार से टकराने वाली सबसे खराब मौसम संबंधी आपदा थी। चक्रवात मोका ने अब वैश्विक एजेंसियों के अनुसार 260 किमी प्रति घंटे की अधिकतम हवा की गति प्राप्त कर ली है, जो सुपर साइक्लोन श्रेणी के अंतर्गत आता है।
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इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है कि सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं. रिजल्ट सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइटों cbseresults.nic.in, cbse.digitallocker.gov.in और cbse.gov.in पर देखा जा सकता है. विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
राजगोपाल पी.व्ही.को मिला जापान मे निवानो शांति पुरस्कार
नमस्कार आदाब श्रोताओं, मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है रोजगार समाचार। यह नौकरी उन लोगों के लिए है जो इसरो के द्वारा टेक्नीशियन और ड्राफ्ट्समैन मेकेनिकल के पदों पर काम करने के लिए इच्छुक हैं। वैसे उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय से मैट्रिक और आईटीआई पास किया हो। इन पदों के लिए कुल 48 रिक्तियां निकली गयी है। इसके साथ ही उम्मीदवार की आयु 18 वर्ष से 35 वर्ष तक होनी चाहिए। आवेदन शुल्क सभी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 500 रुपए रखा गया है। इन पदों पर वेतनमान नियम अनुसार दिया जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन ऑनलाइन भर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए आवेदनकर्ता इस वेबसाइट पर जा सकते हैं। वेबसाइट है https://www.vssc.gov.in/advt324.html. आवेदन कर्ता का चयन लिखित परीक्षा, स्किल टेस्ट में प्रदर्शन के अनुसार किया जाएगा। याद रखिए इन पदों पर आवेदन करने की अंतिम तिथि 18-05-2023. है। तो साथियों,अगर आपको यह जानकारी लाभदायक लगी, तो मोबाइल वाणी एप्प पर लाइक का बटन दबाये साथ ही फ़ोन पर सुनने वाले श्रोता 5 दबाकर इसे पसंद कर सकते है। नंबर 5 दबाकर यह जानकारी आप अपने दोस्तों के साथ भी बाँट सकते हैं।
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बीएड कॉलेजों की गुणवत्ता पर उठते सवालों के बीच चार वर्षीय नए इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स को लेकर शिक्षा मंत्रालय बेहद सतर्क है। वह अभी सिर्फ सरकारी शिक्षण संस्थानों को ही इस नए कोर्स को चलाने की अनुमति देने के पक्ष में है।यही वजह है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद ( एनसीटीई) ने दूसरे चरण के पायलट के लिए भी केंद्रीय व राज्य के विश्वविद्यालय सहित राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों से ही आवेदन मांगे गए है। इस दौरान 31 मई तक इन संस्थानों को आवेदन करने के लिए कहा है। एनसीटीई का मानना है कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप शिक्षकों को तैयार करने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। ऐसे में जब तक यह कोर्स पूरी तरह से परिपक्व नहीं हो जाता है, तब तक इसे सिर्फ सरकारी और शीर्ष शिक्षण संस्थानों से ही चलाने की अनुमति दी जाएगी।इस कोर्स के पहले चरण के पायलट में देश भर के 57 शीर्ष सरकारी शिक्षण संस्थानों को चयनित किया गया है, जिसमें आइआइटी और एनआइटी जैसे संस्थान भी शामिल है। एनसीटीई के मुताबिक शीर्ष संस्थानों को ही इन कोर्स को चलाने की अनुमति देने से इसकी गुणवत्ता को कायम रखा जा सकेगा। इन सभी संस्थानों में इसी साल से यह कोर्स शुरू हो जाएगा। 15 मई तक इनमें दाखिले के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी शुरू हो सकती है। फिलहाल इनमें दाखिला प्रवेश परीक्षा के जरिए होगा। इस प्रोग्राम के तहत संस्थान बीए-बीएड, बीएससी-बीएड व बीकॉम- बीएड जैसे कोर्स शुरु कर सकेंगे। यह कोर्स भी क्रेडिट सिस्टम के तहत डिजाइन किया गया है।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें।
उच्च पेंशन का विकल्प चुनने वाले ग्राहकों के मूल वेतन के 1.16 फीसदी के अतिरिक्त योगदान का प्रबंधन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में नियोक्ताओं के योगदान से किया जाएगा।श्रम मंत्रालय ने कहा कि भविष्य निधि में नियोक्ताओं के कुल 12 फीसदी योगदान में से ही 1.16 फीसदी अतिरिक्त योगदान लेने का फैसला किया गया है। ईपीएफ और एमपी अधिनियम की भावना के साथ-साथ संहिता (सामाजिक सुरक्षा पर संहिता) कर्मचारियों से पेंशन कोष में योगदान की परिकल्पना नहीं करती है। वर्तमान में सरकार कर्मचारी पेंशन योजना में योगदान के लिए सब्सिडी के रूप में 15,000 रुपये तक के मूल वेतन का 1.16 फीसदी भुगतान करती है।ईपीएफओ द्वारा संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में नियोक्ता मूल वेतन का 12 फीसदी योगदान करते हैं।नियोक्ताओं के 12 फीसदी के योगदान में से 8.33 फीसदी ईपीएस में जाता है और शेष 3.67 प्रतिशत कर्मचारी भविष्य निधि में जमा किया जाता है।अब वे सभी ईपीएफओ सदस्य जो उच्च पेंशन प्राप्त करने के लिए 15,000 रुपये प्रति माह की सीमा से अधिक अपने वास्तविक मूल वेतन पर योगदान करने का विकल्प चुन रहे हैं, उन्हें ईपीएस के लिए इस अतिरिक्त 1.16 फीसदी का योगदान नहीं करना होगा।श्रम और रोजगार मंत्रालय ने उपरोक्त (निर्णय) को लागू करते हुए 3 मई, 2023 को दो अधिसूचनाएं जारी की हैं।मंत्रालय ने कहा कि अधिसूचना जारी किए जाने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के 4 नवंबर, 2022 के फैसले के सभी निर्देशों का अनुपालन पूरा कर लिया गया है।दरअसल, शीर्ष अदालत ने अधिकारियों को छह महीने की अवधि के भीतर योजना में आवश्यक समायोजन करने का निर्देश दिया था। 2014 में योजना में किए गए संशोधन के अनुसार, कर्मचारियों को 15,000 रुपये प्रति माह से अधिक वेतन पर 1.16 प्रतिशत का अतिरिक्त योगदान करने की आवश्यकता होगी।साथयों,क्या आप वर्तमान पेंशन व्यवस्था से संतुष्ट हैं ? पेंशन में सुधार के लिए आप का क्या सुझाव है ?अपनी बात हम तक पहुंचाने के लिए फोन में अभी दबाएं नम्बर 3.
