दीपावली की अगली सुबह काठीकुंड के मौसम का नजारा जन बदला बदला नजर आया. काठीकुंड की सुबह की शुरुआत सूरज की मद्धिम किरणों से होती थी, जो नहीं दिखी. उसकी जगह चारों तरफ कोहरा नजर आया. सुबह करीब 5:30 बजे कोहरा इतना घना था कि 20 फीट की दूरी पर दिखना मुश्किल हो रहा था. खास बात है कि सुबह 8:00 बजे तक वही स्थिति बनी रही. ऊंचाई से देखने पर ऐसा लग रहा था जैसे पूरी काठीकुंड ने कोहरे की चादर ओढ़ ली है. सुबह 8:00 बजे के बाद कोहरा छंटना शुरू हुआ और सूरज की किरणें दिखने लगी।