गिरिडीह : राज्य सरकार, जनप्रतिनिधि और समाजसेवियों से परिवार वाले मृतक प्रवासी मजदूर के शव को अपने पैतृक गांव लाने की लाख गुहार लगाये। लेकिन उनकी सारी गुहार नक्कारखाने की तूती बन कर रह गयी। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं रहने के कारण परिजन बेबस और लाचार बने रहे और उसका अंतिम दर्शन भी नहीं कर पाये और मृतक प्रवासी मजदूर का अंतिम संस्कार महाराष्ट्र के सतारा में ही कर दिया गया।इस खबर को सुनने के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
