बिहार राज्य के गया जिले से नीतु कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से जानना चाहती हैं कि डर और घबराहट का निरंतर एहसास क्या चिंता हो सकती है ?
क्या आपके जीवन में कभी ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई हैं ?आपके के हिसाब से इस तरह की परिस्थिति में अपने आपको तनाव मुक्त रखने के लिए क्या करना चाहिए ? और घर में नशे के कारण झगड़ों से बच्चो पर क्या प्रभाव पड़ता है? और उन्हें इस तरह के परिस्थिति से दूर रखने के लिए माता पिता को क्या करना चाहिए ?
गांव आजीविका और हम कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ श्री जिव दास साहू जानकारी दे रहें हैं धान के बिचड़ा को कैसे तैयार किया जाए। उन्होंने बताया कि सारा बिचड़ा एक ही दिन में तैयार नहीं करना चाहिए, बिचड़ा को तैयार करने के लिए क्रमबद्ध तरीक़ा के साथ साथ मौसम का भी ख़ास ध्यान रखना चाहिए .
क्या आपने कभी ऐसा कुछ महसूस किया है या ऐसे किसी व्यक्ति को जानते हैं जिन्होंने ऐसी स्थिति का सामना किया है ?ऐसी परिस्थिति में आपको क्या लगता है कि आपके सबसे नज़दीकी रिश्तों को बनाएं रखने में और किस तरह का मदद उपयोगी हो सकते हैं
नाम -रवि ,पिन कोड - 823001
नाम अमित। पिन कोड - गया
नाम - पवन कुमार
नाम - हर्ष कुमार
नाम आदित्य। पिन कोड - गया
आपको क्या लगता है लोग अपने मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति पर क्यों बात करना नहीं चाहते और चुप रहते हैं ?क्या कभी आपके साथ ऐसा हुआ है की आपने अपनी मन की बात किसी को समझाने की कोशिश की पर सामने वाला उसे समझ न पाया हो ?आपको क्या लगता है, क्यों मानसिक स्वास्थ्य के बारे में खुल कर बात करने से लोग अभी भी कतराते हैं?

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हाँ, डर और घबराहट का लगातार एहसास चिंता का लक्षण हो सकता है। जब बिना किसी स्पष्ट कारण के दिल तेज़ धड़कने लगे, बेचैनी महसूस हो या हर बात पर डर लगे, तो यह सामान्य तनाव नहीं बल्कि चिंता विकार हो सकता है। ऐसी स्थिति में आराम, गहरी साँसें लेना और ज़रूरत पड़ने पर विशेषज्ञ से सलाह लेना बहुत मददगार होता है।
Nov. 11, 2025, 12:54 p.m. | Tags: information health mentalhealth