मासनोड़ि से सोनू कुमार मोबाइल वाणी के माध्यम से कह रहे है कि किसी भी बच्चे से बाल मजदूरी कराना अपराध है। बच्चों से बाल मजदूरी कराने पर बच्चे न ही शिक्षित हो पाएंगे और न ही अच्छे से विकसित हो पायेगें। पांच से अठारह साल तक के बच्चों से नियमित काम कराना बाल मजदूरी कहलाता है।बच्चे आने वाले कल का भविष्य हैं लेकिन कुछ मजबूरी में बाल मजदूरी करना पड़ता है। इन बच्चों को बचपन से ही परिवार की ज़िम्मेदारी उठानी पड़ती है। कुछ माँ -बाप ऐसे होते हैं जो बच्चे के बचपन को छीन कर उनसे मानसिक तथा सामाजिक रूप से काम पर लगा कर प्रताड़ित करते हैं। साथ ही काम के बदले में कम रूपए देकर शोषण करना तथा उनके बचपन को श्रमिक रूप में बदलना बाल मजदूरी कहलाता है।
