दिल्ली से भोपेंदर जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि मलेरिया नामक बीमारी अपने आस-पास गन्दगी को रखने और ठहरे हुए पानी के जमाव होने के कारण होती है। ऐसे पानी में ही मच्छर पैदा होते है। कूड़े -कचरे में भी इस मच्छर का लार्वा पैदा होते है। और यह एक संक्रामक बीमारी है। और इसके समुचित इलाज़ ना होने पर व्यक्ति को मलेरिया होती है। इससे बचने के लिए हमें अपने आस-पास गंदगी नहीं रखना चाहिए। सड़को और गलियों में कूड़े -कचरे की सफाई करते रहना चाहिए।

दिल्ली से जी.एस रावत ने मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि मलेरिया कूड़ा और गंदगी से होता है।इसके लिए घर और उस के आस -पास सफाई रखनी चाहिए। जमे हुए पानी में मच्छर न पनपे, इस के लिए उस में डिटोल और दवाइयां डालनी चाहिए।मच्छर दानी लगा कर या ऑल आउट,क्वायल जला कर सोना चाहिए ताकि मच्छरो के काटने से बचा जा सके

दिल्ली,द्वारका से जी.एस रावत जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि ये एक नेत्रहीन व्यक्ति है। आँखों में धुंधलापन दिखाई दे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए,क्योंकि इससे आँखों की रोशनी जाने का खतरा रहता है। किसी के कहने पर आँखों में गलत दवाई नही डालना चाहिए। इससे भी आँखे ख़राब हो सकती है। आँखों की हिफाज़त हमारे लिए बहुत जरुरी है और अगर काला मोतियाबिंद हुआ तो इसका भी ख्याल रखना चाहिए। इस कार्यक्रम के तहत काफी जानकारी मिल रही है।