छत्तीसगढ़ राज्य के राजनंदगाँव से वीरेंदर गंदर्व ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि भेदभाव ,तुलना इसीलिए किया जाता था क्योंकि व्यक्ति नहीं चाहता की कोई उससे आगे बढ़े। यह सदियों से चलता आ रहा है। पहले महिलाओं को पढ़ाया नहीं जाता था। उच्च जाति के लोग निम्न वर्ग को आगे बढ़ाना नहीं चाहा। रचना रची गयी कि अशिक्षा में एक वर्ग के लोग शोषित हो। आज भी लोगों की सोच है कि वे ही आगे रहे और उनसे छोटे लोग पीछे रहे। हमे ऐसी सोच रखनी चाहिए कि हम मनुष्य है और हमारे अंदर भी गुण है और इसी से हमें आगे बढ़ना है।

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छत्तीसगढ़ राज्य के राजनंदगाँव ज़िला से वीरेंदर ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि जब तक दुनिया रहेगी तब तक भेदभाव चलता रहेगा। भेदभाव है तभी तो विसंगतियों से लड़ का अपना मुकाम बनाना पड़ता है। आज कल तुलना बहुत ज़्यादा हो गयी है।हर व्यक्ति में कोई न कोई क्षमता होती है ,इसीलिए लोगों के गुण को समझ कर उसमे उसको प्रोत्साहित करना चाहिए।बराबरी करने का प्रयास न करें केवल खुद की काबिलियत तलाशिये।

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छत्तीसगढ़ राज्य के राजनंद गांव से वीरेंद्र,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि लोगों को मानसिक तनाव इसलिए आते हैं क्योंकि वह यह सोचते हैं कि लोग उन्हें अलग मानते हैं।अगर वह सोचेंगे की वह दूसरों से अलग नहीं हैं ,तो तनाव नहीं आएगा।अगर कोई किसी व्यक्ति के रंग- रूप या शारीरिक बनावट के हिसाब से उनसे भेद- भाव करते हैं, तो उनको लोगों की बातों को नहीं सुनना चाहिए। उनको समझना चाहिए कि वह अन्य लोगों की तरह ही है और उनमे प्रतिभा भी है।तो इस तरह से तनाव से बचा जा सकता है

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