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छत्तीसगढ़ राज्य के राजनद गांव से विरेंद्र , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि समाज में रूढ़िवादी रीति-रिवाज हैं, लोगों की धारणा पुरानी है, लेकिन दूसरी बात यह भी सच है। जिन लोगों की हिंसक विचारधारा है, वे हिंसा करते हैं, सभी लोग हिंसा नहीं करते हैं, कई अनपढ़ लोग हैं जो अपनी बेटियों को पढ़ा रहे हैं, उनकी बेटियां बाहर, कंपनी में, कार्यालय में, स्कूल में काम कर रही हैं। अगर उसकी विचारधारा महान है, तो भले ही वह अशिक्षित हो, वह अपनी बहू को शिक्षित करेगा।तो कई लोग शिक्षित होते है लेकिन महिलाओं को शिक्षित नहीं करते है और उनके अधिकार छीन लेते है ,कई शिक्षित लोग जो बड़ी नौकरियों में हैं, उन्होंने अपनी महिलाओं को उनके अधिकार से वंचित कर दिया है, उस पर अत्याचार करते हैं और एक अनपढ़ गांव का व्यक्ति अपनी महिलाओं का सम्मान करता है।
छत्तीसगढ़ राज्य के राजनंद गाँव से विरेंद्र गांधार , मोबाइल वाणी के अम्ध्यम से यह बताना चाहते है कि जब भगदड़ होती है, तो वह अक्सर किसी धार्मिक कार्यक्रम के दौरान होती है और बाकी अन्य कार्यक्रम के दौरान ज्यादा नहीं सुनते हैं क्योंकि भीड़ आवश्यकता से अधिक इकट्ठा होती है और यह कहा जाना चाहिए कि धार्मिक दिखावा बहुत अधिक हो गया है इसलिए लोग अपने साधु बाबा के दर्शन के लिए इतने लालायित होते हैं,की वह अपने जान की परवाह नहीं करते हैं और बाबा को भी कोई परवाह नहीं रहती है , वे सिर्फ यह सोचते हैं कि संख्याएँ एकत्र हो ताकि यह कहा जा सके कि इतने सारे लोग मेरे प्रवचन में आए। तो यह करना ही होगा, सबसे पहले जनता को यह समझना होगा कि बाबा को अपने घर से साधु देखना है, फिर टीवी के माध्यम से, मोबाइल के माध्यम से देखे ,बहुत अधिक भीड़ इकट्ठा न करें और सरकार को भी इस बात का ध्यान रखना चाहिए।
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छत्तीसगढ़ राज्य के राजनंदगाँव से वीरेंदर ,मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है कि शोषण हर वर्ग में होता है। वर्ग के लोग ही एक दूसरे का शोषण करते है। जैसे एक महिला ही महिला का शोषण करती है। वही जब पुरुष की महिला को सताते है तो उसके पीछे भी महिला पुरुष के समर्थन में होती है। महिलाऐं ही भेदभाव करने में ,उनके हनन करने में पुरुष का साथ देती है ,चाहे महिला पत्नी,माँ या बहन के रूप में ही क्यों न हो। लोगों को ही समझना होगा की हमे अपने वर्ग के लोगों का साथ देना है ,तब ही भेदभाव समाप्त हो पाएगा
