छत्तीसगढ़ राज्य के जिला राजनंद गाँव से वीरेंद्र गंधर्व मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि पहले के समाज में जिम्मेदार थी रूढ़िवादी सोच पर आज के दौर में आदमी की सोच गलत हो गयी है। क्योंकि आजकल पुरषों की कुदृष्टि हो गयी है चाहे वो स्कुल का कर्मचारी हो या शिक्षक हो या कोई पास पड़ोस का व्यक्ति हो। पता चलता है कि तीन वर्ष की बच्ची भी नहीं बचती है उनके कुदृष्टि का शिकार हो जाती है। इनका कहना है की कई बार रस्ते में लड़कियों से छेड़ छाड़ की जाती है उनसे जबरजस्ती प्यार करने को कहा जाता है। इनका कहना है हमे ऐसी दुनिया या देश बनाना होगा जहाँ पर लड़कियों के लिए विद्यालय ,बसे ,बाजार या दफ्तर कही भी सब उनकी देन हो ,वहाँ पुरुष न हो सिर्फ महिलाये हो काम करने को इसके साथ ही हर घटना से निबटने के लिए महिलाओं को शशक्त होना पड़ेगा।